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Dumka: सागरभंगा गांव वालों को चाहिए पक्की सड़क, फरियाद कई बार, आश्वासन बार-बार

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दुमका से विकास प्रसाद/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

दुमका के रामगढ़ प्रखंड की कोआम पंचायत अन्तर्गत एक गांव है सागरभंगा। सागरभंगा गांव के ग्रामीण एक अदद पक्की सड़क के लिए तरस रहे हैं। वे बार बार मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांग ‘नक्कारखाने में तूती की आवाज’ बन गयी है। पक्की सड़क की इस मांग पर यहां की विधायक सीता सोरेन भी ग्रामीणों को सिर्फ आश्वासन ही दे पायी हैं। दरअसल, सागरभंगा गांव को बासबेड़वा गांव तक के लिए पक्की सड़क यहां की आवश्यकता है। इसकी दूरी महज दो किलोमीटर की ही है, लेकिन पक्की सड़क नहीं होने की वजह से लोगों को अपार काफी कठिनाई होती है।

ग्रामीणों की आवश्यकता से जुड़ी है सड़क

बता दें, सागरभंगा गांव के लोग अपनी दिनचर्या की आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी ठाड़ी बाजार से करते हैं। बैंक ठाड़ी बाजार में है, इसलिए ग्रामीणों को बैंक से पैसा निकालने वहीं जाना पड़ता है। सागरभंगा गांव के बच्चे स्कूली शिक्षा के लिए भी ठाड़ी बाजार जाते हैं। यहां के ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवा भी ठाड़ी बाजार में ही मिलती है। और सागरभंगा गांव के ग्रामीणों को ठाड़ी बाजार जाने के लिए बासबेड़वा गांव होकर जाना पड़ता है। मगर सागरभंगा गांव से बासबेड़वा गांव लगभग दो किलोमीटर कोई भी पक्की सड़क नहीं है। सड़क के नाम पर जो भी है, वर्षा के समय उसकी बुरी दुर्दशा हो जाती है। तब  चारचक्का वाहन तो दूर, दो पहिया वाहन, यहां तक कि साइकिल का आना-जाना मुश्किल हो जाता है। कच्ची सड़क पर बन गये बड़े-बड़े गड्डे पानी जमा हो जाने के बाद दुर्घटनाओं को आमंत्रित करने लगते हैं।

10 साल पहले मोरम बिछाकर झाड़ लिया गया पल्ला

ग्रामीणों का कहना है कि सरकार द्वारा इस कच्ची सड़क को पक्की करने के बजाय मिट्टी-मोरम डालकर अपना पल्ला झाड़ लिया गया। मोरम डाले अब तो करीब दस वर्ष भी हो गये। इस दौरान नदी पर पुल भी बन गया, लेकिन इस मार्ग का पक्कीकरण नहीं हुआ। दस वर्षों का मतलब इस दौरान दो बार विधानसभा चुनाव हो चुके हैं। जाहिर है, चुनावों के समय यहां के ग्रामीणों को आश्वासन भी खूब मिले होंगे। इन 10 वर्षों में एक बार भाजपा की और एक बार झामुमो की सरकार बनी है। लेकिन किसी ने इन ग्रामीणों की सुध नहीं ली। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय नेता सिर्फ आश्वासन देते हैं, लेकिन मार्ग का पक्कीकरण नहीं करते हैं। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि विधायक सीता सोरेन से मौखिक शिकायत भी की गयी है, लेकिन आश्वासन के अलावा अब तक कुछ नहीं मिला है। पक्की सड़क नही बनने से ग्रामीण काफी नाराज और आक्रोशित है। ग्रामीणों का मांग है कि जल्द से जल्द सड़क पक्कीकरण की जाये।

मौके पर उपस्थित ग्रामीण

इस मौके में मुखिलाल हेम्ब्रोम, मिस्त्री टुडू, शिरिल टुडू, लुखिराम किस्कू, परमेश्वर हांसदा, दासो टुडू, महेंद्र मुर्मू, मनोज हेम्ब्रोम, सोनालाल टुडू, मिस्त्री सोरेन, सोकोल किस्कू, अनिल टुडू, लुखिराम मुर्मू, प्रसाद किस्कू के साथ काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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