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Dhanbad Power crisis: DVC की 10 घंटे कटौती, JBVNL भी प्रतिदिन काट रहा 3.5 घंटे बिजली, सामान्य दिनचर्या प्रभावित

Dhanbad Power Crisis : DVC की कटौती से जारी बिजली संकट धनबाद में और गहराता जा रहा है. बकाये के नाम पर 49 दिन से डीवीसी अपने कमांड एरिया के सात जिलों में 10 घंटे तक बिजली काट रहा है. शहरों में तो किसी तरह विभाग 14-15 घंटे बिजली दे दे रहा है, ग्रामीण क्षेत्राें की स्थिति और भी बुरी है. वहां 16 घंटे तक बिजली कटी रहती है.

JBVNL-DVC विवाद का कोई समाधान होता नहीं दिख रहा है. नेता-अफसर कोई सुध नहीं ले रहे हैं . बकाये के नाम पर 49 दिन से DVC अपने कमांड एरिया के सात जिलों में 10 घंटे तक बिजली काट रहा है. शहरों में तो किसी तरह विभाग 14-15 घंटे बिजली दे दे रहा है, ग्रामीण क्षेत्राें की स्थिति और भी बुरी है. वहां 16 घंटे तक बिजली काटी जा रही है. जेबीवीएनएल-डीवीसी विवाद का कोई समाधान होता नहीं दिख रहा है.

जेबीवीएनएल भी प्रतिदिन औसत 3.5 घंटे बिजली काट रहा है

डीवीसी की कटौती से जारी बिजली संकट धनबाद में और गहराता जा रहा है. बकाया राशि के भुगतान को लेकर डीवीसी द्वारा जहां 10 घंटे तक कटौती की जा रही है, वहीं केबल वर्क और यूटिलिटी शिफ्टिंग को लेकर जेबीवीएनएल भी प्रतिदिन औसत 3.5 घंटे बिजली काट रहा है. दिसंबर के महीने में रविवार तक जेबीवीएनएल द्वारा विभिन्न फीडरों में कुल 90 घंटे बिजली काटी गई.
बिजली कटौती वाले इलाकों में आपूर्ति के लिए दूसरे इलाकों में लोड शेडिंग करने की नौबत आ जाती है. जेवीबीएनएल के जीएम अजित कुमार ने बताया कि डीवीसी 2.5-2.5 घंटे कर 10 घंटे बिजली काट रहा है. दूसरे फीडरों को पूर्व निर्धारित केबल वर्क तथा यूटिलिटी शिफ्टिंग के लिए बंद किया जाता है, इसकी सूचना पहले दे दी जाती है. गोविंदपुर स्थित कांड्रा ग्रिड से भी 50 से 60 मेगावाट बिजली मिल रही है। जिससे आपूर्ति को सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है.

 

भुगतान का दबाव बनाने के लिए डीवीसी बिजली कटौती कर रहा है

झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) पर बकाया 2173 करोड़ के भुगतान का दबाव बनाने के लिए डीवीसी पिछले दो महीने से बिजली कटौती कर रहा है. डीवीसी ने बिजली विभाग के नाम नोटिस जारी कर हुए बकाया भुगतान नहीं होने की स्थिति में बिजली कटौती जारी रखने की चेतावनी दी है. डीवीसी के अनुसार अप्रैल से नवंबर 2021 के बीच में हर माह 549 करोड़ रुपये तक बकाया हो गया है, जबकि 1624 करोड़ रुपये पहले से बकाया है. बकाया बढ़ कर 2173 करोड़ रुपये हो गया है. पांच नवंबर की आधी रात से डीवीसी ने बिजली कटाैती शुरू की थी.

व्यवासायिक प्रतिष्ठान पर भी पड़ रहा असर

बिजली संकट का असर व्यवासायिक प्रतिष्ठान पर भी पड़ रहा है. बिजली बिजली आपूर्ति बाधित होने पर कई कोक प्लांट बंदी के कगार पर आ गए हैं. इससे पानी सप्लाई पर भी असर देखने को मिल रहा है. जलमीनारों को पानी भरने में परेशानी होती है.व्यवसायी संजीव अग्रवाल का साफ कहना है कि सरकार को डीवीसी के साथ बैठक कर इस पर जल्द कोई निष्कर्ष निकलना चाहिए वरना पूरा उद्योग ठप पड़ जाएगा.

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