फुटबॉल की दुनिया के महानतम खिलाड़ियों में शुमार लियोनेल मेसी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उम्र सिर्फ एक संख्या है। फीफा वर्ल्ड कप 2026 में 38 वर्षीय मेसी ने अपने करियर की पहली वर्ल्ड कप हैट्रिक लगाते हुए इतिहास रच दिया। उनके शानदार प्रदर्शन के दम पर मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना ने ग्रुप-जे के मुकाबले में अल्जीरिया को 3-0 से हराकर टूर्नामेंट में धमाकेदार शुरुआत की।

मेसी की हैट्रिक ने मचाया तहलका

कैनसस सिटी में खेले गए मुकाबले में मेसी ने 17वें, 60वें और 76वें मिनट में गोल दागकर अल्जीरिया की उम्मीदों को पूरी तरह खत्म कर दिया। यह उनके विश्व कप करियर की पहली हैट्रिक रही। मैच के 78वें मिनट में उन्हें मैदान से बाहर बुला लिया गया, लेकिन तब तक वे अर्जेंटीना को मजबूत बढ़त दिला चुके थे।

मिरोस्लाव क्लोजे के रिकॉर्ड की बराबरी

इस हैट्रिक के साथ मेसी ने फीफा विश्व कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। अब उनके नाम विश्व कप में 16 गोल हो चुके हैं, जो जर्मनी के दिग्गज मिरोस्लाव क्लोजे के रिकॉर्ड के बराबर हैं। मैच से पहले मेसी इस रिकॉर्ड से तीन गोल पीछे थे, लेकिन एक ही मुकाबले में हैट्रिक लगाकर उन्होंने इतिहास के पन्नों में अपना नाम और सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा दिया।

200वें अंतरराष्ट्रीय मैच में ऐतिहासिक प्रदर्शन

अल्जीरिया के खिलाफ यह मुकाबला मेसी के अंतरराष्ट्रीय करियर का 200वां मैच भी था। इस खास अवसर को उन्होंने यादगार बना दिया। इसके साथ ही वे विश्व कप इतिहास में छह अलग-अलग वर्ल्ड कप खेलने वाले पहले खिलाड़ी भी बन गए।

रोनाल्डो के क्लब में शामिल हुए मेसी

मेसी अब उन चुनिंदा खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए हैं जिन्होंने पांच अलग-अलग विश्व कप में गोल दागे हैं। इससे पहले यह उपलब्धि पुर्तगाल के स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो के नाम थी।

अर्जेंटीना ने दिखाई चैंपियन वाली ताकत

मैच की शुरुआत में दोनों टीमों के एक-एक गोल ऑफसाइड के कारण रद्द कर दिए गए। इसके बाद अर्जेंटीना ने खेल पर पूरी तरह नियंत्रण स्थापित कर लिया। कप्तान मेसी ने पहला गोल कर टीम को बढ़त दिलाई और फिर दूसरे हाफ में दो और गोल दागकर जीत सुनिश्चित कर दी। अर्जेंटीना की इस जीत के साथ टीम ग्रुप-जे की अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर पहुंच गई है।

उम्र बढ़ी, लेकिन जादू बरकरार

38 वर्ष की उम्र में विश्व कप में हैट्रिक लगाने वाले मेसी अब टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने यह कारनामा किया है। उनका यह प्रदर्शन उन सभी आलोचकों के लिए जवाब माना जा रहा है जो उनकी फिटनेस और प्रभाव को लेकर सवाल उठा रहे थे।

निष्कर्ष

लियोनेल मेसी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे फुटबॉल के सबसे बड़े सितारों में क्यों गिने जाते हैं। पहली विश्व कप हैट्रिक, 16 गोल के साथ रिकॉर्ड की बराबरी, 200वां अंतरराष्ट्रीय मैच और अर्जेंटीना को शानदार जीत—यह रात मेसी और उनके प्रशंसकों के लिए हमेशा यादगार रहेगी।