रांची: झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच सुरक्षा एजेंसियां भी पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए स्पेशल ब्रांच ने राजधानी रांची में अपनी निगरानी और खुफिया गतिविधियों को और मजबूत कर दिया है।

सूत्रों के अनुसार, 20 से अधिक अधिकारियों और जवानों को सादे कपड़ों में रांची के विभिन्न संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात किया गया है। इनका मुख्य उद्देश्य चुनाव से जुड़े घटनाक्रमों पर नजर रखना और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल मुख्यालय तक पहुंचाना है।

महत्वपूर्ण ठिकानों पर बढ़ाई गई निगरानी

जानकारी के मुताबिक, राजधानी के कई प्रमुख स्थलों को विशेष निगरानी के दायरे में रखा गया है। इनमें रेडिसन ब्लू होटल, झारखंड विधानसभा, मुख्यमंत्री आवास, प्रमुख राजनीतिक दलों के कार्यालय और अन्य संवेदनशील स्थान शामिल हैं।

तैनात अधिकारी और जवान लगातार गतिविधियों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि प्रत्येक महत्वपूर्ण सूचना को रियल टाइम में मुख्यालय तक भेजा जा रहा है, ताकि किसी भी परिस्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।

विधायकों की गतिविधियों पर भी नजर

राज्यसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों और विधायकों की गतिविधियां हमेशा चर्चा का विषय रहती हैं। ऐसे में स्पेशल ब्रांच को चुनाव से जुड़ी राजनीतिक हलचलों और विभिन्न बैठकों पर नजर रखने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।

सूत्र बताते हैं कि इसके लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है, जो विभिन्न क्षेत्रों में तैनात होकर सूचनाएं एकत्र कर रही हैं। सुरक्षा एजेंसियां यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधि न हो।

मतदान तक जारी रहेगा विशेष अभियान

बताया जा रहा है कि मतदान प्रक्रिया पूरी होने तक यह विशेष निगरानी अभियान जारी रहेगा। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि, असामान्य हलचल या सुरक्षा संबंधी इनपुट की सूचना तत्काल मुख्यालय को उपलब्ध कराई जाए।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि चुनावी माहौल में सतर्कता बनाए रखना बेहद जरूरी है, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और शांतिपूर्ण बनी रहे।

सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ी जिम्मेदारी

राज्यसभा चुनाव को देखते हुए पुलिस और खुफिया एजेंसियों की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जा रही है और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त नजर रखी जा रही है।

राजनीतिक गतिविधियों के बीच सुरक्षा एजेंसियों का फोकस इस बात पर है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह, गड़बड़ी या कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्या उत्पन्न न हो।

फिलहाल रांची में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं और राज्यसभा चुनाव से जुड़े हर घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।