रांची: झारखंड के भूतपूर्व सैनिकों (Ex-Servicemen), उनके आश्रितों और आम नागरिकों के लिए राहत भरी खबर है। रांची के नामकुम स्थित सैन्य चिकित्सालय (मिलिट्री हॉस्पिटल) में 15 से 19 जून 2026 तक विशेष नेत्र चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा आंखों से संबंधित विभिन्न रोगों की जांच, परामर्श और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

इस संबंध में सोमवार को झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से सर्जन वाइस एडमिरल आरती सारिन, महानिदेशक, सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा (DGAFMS) ने लोक भवन, रांची में शिष्टाचार भेंट की। मुलाकात के दौरान उन्होंने राज्यपाल को शिविर की विस्तृत जानकारी दी।

सेना की विशेषज्ञ टीम देगी सेवाएं

सर्जन वाइस एडमिरल आरती सारिन ने बताया कि यह विशेष नेत्र चिकित्सा शिविर मुख्यालय पूर्वी कमान एवं मुख्यालय 111 एरिया के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। शिविर में आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल), नई दिल्ली के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम भी सहयोग करेगी।

शिविर के माध्यम से भूतपूर्व सैनिकों, उनके परिवार के सदस्यों, जनजातीय समुदाय के लोगों और आम नागरिकों को आधुनिक नेत्र चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसमें आंखों की जांच, विशेषज्ञ परामर्श, विभिन्न नेत्र रोगों की पहचान और आवश्यक चिकित्सकीय सलाह शामिल होगी।

Ex-Servicemen को मिलेगा विशेष लाभ

इस शिविर का सबसे बड़ा लाभ उन Ex-Servicemen और उनके आश्रितों को मिलेगा, जिन्हें अक्सर विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। अब उन्हें रांची में ही उच्चस्तरीय नेत्र चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

साथ ही जनजातीय क्षेत्रों के लोगों और आम नागरिकों को भी इस शिविर के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

राज्यपाल ने की पहल की सराहना

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के मेगा स्वास्थ्य शिविर समाज के विभिन्न वर्गों तक बेहतर चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि सेना और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े संस्थानों द्वारा किए जा रहे ऐसे प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायक हैं।

राज्यपाल ने उम्मीद जताई कि इस शिविर से बड़ी संख्या में लोगों को लाभ मिलेगा और नेत्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।

स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि आंखों से संबंधित बीमारियों की समय पर पहचान और उपचार बेहद जरूरी है। ऐसे में सैन्य चिकित्सालय में आयोजित होने वाला यह विशेष शिविर न केवल Ex-Servicemen बल्कि समाज के अन्य वर्गों के लिए भी एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकता है।

15 से 19 जून तक चलने वाले इस शिविर में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।