रांची : झारखंड में आयुष सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने तथा आयुष सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों (AYUSH CHO) की विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में झारखंड के निदेशक आयुष श्री शशि प्रकाश झा से आयुष सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर अपनी मांगों एवं समस्याओं को विस्तारपूर्वक रखा।

बैठक में राज्य आयुष परामर्शदात्री समिति के संयोजक डॉ राजीव कुमार ने राज्यभर में कार्यरत आयुष CHO की मूलभूत समस्याओं को निदेशक आयुष के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि आयुष CHO ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सीमित संसाधनों के बावजूद लगातार स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं और जनस्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाना आवश्यक है।

बैठक के दौरान आयुष सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों ने निदेशक आयुष श्री शशि प्रकाश झा का बुके एवं शॉल ओढ़ाकर भव्य स्वागत किया। वहीं राज्य आयुष परामर्शदात्री समिति के संयोजक डॉ राजीव कुमार का भी आयुष CHO की ओर से सम्मान किया गया। कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह सकारात्मक और आयुष हितों के प्रति समर्पित दिखाई दिया।

इस अवसर पर निदेशक आयुष श्री शशि प्रकाश झा ने कहा कि आयुष CHO स्वास्थ्य व्यवस्था के महत्वपूर्ण अंग हैं और उनके किसी भी कार्य को बाधित नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन का सपना है कि आयुष चिकित्सा हर गांव और हर घर तक पहुंचे ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने आश्वस्त किया कि विभाग में जो भी कमियां हैं, उन्हें जल्द दूर किया जाएगा तथा आयुष कर्मियों की समस्याओं के समाधान के लिए गंभीरता से कार्य किया जाएगा।

झारखंड आयुष मेडिकल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ आनन्द शाही ने भी आयुष CHO की विभिन्न समस्याओं को विस्तार से रखा। उन्होंने बताया कि कई वर्षों से कार्यरत आयुष CHO को समय पर वेतन भुगतान, रिनुअल प्रक्रिया, स्वास्थ्य बीमा, CHO CUM मेडिकल ऑफिसर का पदनाम, मैटरनिटी लीव, वेतन वृद्धि तथा नियुक्ति नियमावली में संशोधन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

डॉ आनन्द शाही ने कहा कि आयुष CHO लगातार जनता के बीच रहकर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं और सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इसलिए उनके हितों की रक्षा करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

बैठक में उपस्थित आयुष सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों ने भी अपनी समस्याओं को साझा करते हुए कहा कि वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं तथा उन्हें उम्मीद है कि विभाग जल्द सकारात्मक निर्णय लेगा। निदेशक आयुष द्वारा दिए गए आश्वासन पर सभी ने संतोष व्यक्त किया।

बैठक के दौरान वक्ताओं ने डॉ राजीव कुमार के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वे लगातार आयुष व्यवस्था के विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। उनके प्रयासों से झारखंड में आयुष चिकित्सा व्यवस्था को मजबूती मिली है तथा उनकी कई योजनाओं को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा लागू किया गया है।

कार्यक्रम का समापन आपसी सहयोग एवं आयुष सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने के संकल्प के साथ हुआ। सभी प्रतिनिधियों ने विश्वास जताया कि सरकार एवं विभाग के सहयोग से आयुष चिकित्सा व्यवस्था को राज्य के हर गांव तक पहुंचाया जाएगा।

इस कार्यक्रम में प्रदेश महासचिव डॉ जितेंद्र कुमार यादव, प्रदेश कोषाध्यक्ष डॉ राकेश रोशन, प्रदेश सचिव Dr जोशी कुमार, हजारीबाग जिलाध्यक्ष डॉ विजय तिवारी, हजारीबाग कोषाध्यक्ष डॉ राजेश मिश्रा, डॉ प्रभात कुमार, डॉ देव कुमार तथा लोहरदगा जिलाध्यक्ष डॉ रविकांत कुमार सहित कई आयुष सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।