रांची – राजधानी रांची के धुर्वा सेक्टर-1 से लापता हुए दोनों बच्चों युवंश और रोशनी को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। बच्चों के अचानक लापता होने से इलाके में दहशत और चिंता का माहौल बन गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची एसएसपी ने तुरंत विशेष टीम गठित कर सर्च ऑपरेशन चलाने का निर्देश दिया था।
रांची पुलिस की तत्परता और लगातार चलाए गए अभियान के बाद दोनों बच्चों को तुपुदाना ओपी क्षेत्र से सुरक्षित बरामद कर लिया गया। इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व सिटी एसपी ने किया।
इलाके में मचा था हड़कंप
धुर्वा सेक्टर-1 से दोनों बच्चों के लापता होने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था और स्थानीय लोग भी बच्चों की तलाश में जुट गए थे।
मामले की सूचना मिलते ही धुर्वा थाना पुलिस सक्रिय हो गई और आसपास के इलाकों में जांच शुरू कर दी गई। बच्चों की तलाश के लिए CCTV फुटेज खंगाले गए और संभावित स्थानों पर छापेमारी की गई।
SSP ने दिए थे त्वरित कार्रवाई के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची एसएसपी ने तुरंत पुलिस अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए। इसके बाद सिटी एसपी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई, जिसने लगातार कई इलाकों में सर्च अभियान चलाया।
पुलिस टीम ने तकनीकी जांच, स्थानीय सूचना तंत्र और आसपास के लोगों से पूछताछ के आधार पर बच्चों की लोकेशन का पता लगाया।
तुपुदाना ओपी क्षेत्र से मिले दोनों बच्चे
लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को सूचना मिली कि दोनों बच्चे तुपुदाना ओपी इलाके में देखे गए हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया।
बच्चों के सुरक्षित मिलने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली। परिवार के लोगों ने रांची पुलिस और प्रशासन का आभार जताया।
पुलिस कर रही है पूरे मामले की जांच
हालांकि दोनों बच्चे सुरक्षित मिल गए हैं, लेकिन पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बच्चे वहां तक कैसे पहुंचे और उनके लापता होने के पीछे कोई साजिश या अन्य कारण तो नहीं था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार बच्चों और उनके परिजनों से पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके।
लोगों ने पुलिस की तत्परता की सराहना की
इस मामले में रांची पुलिस की त्वरित कार्रवाई की स्थानीय लोगों ने सराहना की है। सोशल मीडिया पर भी लोग पुलिस टीम को धन्यवाद दे रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस सक्रिय नहीं होती तो मामला गंभीर हो सकता था।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
इस घटना के बाद राजधानी में बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की निगरानी और सुरक्षा को लेकर और ज्यादा जागरूकता की जरूरत है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों को अकेले बाहर भेजने से बचना चाहिए और उन्हें जरूरी सुरक्षा संबंधी जानकारी भी दी जानी चाहिए।