झारखंड के चाईबासा से एक बड़ी खबर सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी की पश्चिम सिंहभूम जिला अध्यक्ष गीता बालमुचू गुरुवार को एक भीषण सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।

 

मिली जानकारी के अनुसार गीता बालमुचू अपने चार पहिया वाहन से झींकपानी की ओर से चाईबासा लौट रही थीं। इसी दौरान सिंहपोखरिया के पास सामने से तेज रफ्तार में आ रही एक इनोवा गाड़ी को बचाने की कोशिश में चालक ने अचानक वाहन मोड़ दिया। तेज गति होने के कारण वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

हादसा इतना भीषण था कि सिर और चेहरे पर आई गंभीर चोट

 

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना काफी भयावह थी। टक्कर से वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में गीता बालमुचू के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने राहत कार्य शुरू किया और उन्हें आनन-फानन में चाईबासा सदर अस्पताल पहुंचाया गया।

 

अस्पताल में डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। चिकित्सकों के अनुसार उनके सिर में गंभीर चोट लगी है और फिलहाल प्राथमिक उपचार जारी है। डॉक्टरों ने बताया कि सीटी स्कैन रिपोर्ट आने के बाद ही अंदरूनी चोटों की सही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं में चिंता का माहौल

 

घटना की खबर मिलते ही भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में चिंता का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंचे और गीता बालमुचू के स्वास्थ्य की जानकारी ली। पार्टी नेताओं ने भी उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।

 

स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी मामले की जानकारी जुटाने में लगी हुई है। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार तेज रफ्तार और अचानक वाहन मोड़ने की वजह से यह हादसा हुआ।

सड़क सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल

 

इस हादसे के बाद एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं के बावजूद लोग यातायात नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ओवरस्पीडिंग और लापरवाही से वाहन चलाना ऐसी घटनाओं का बड़ा कारण बन रहा है।

 

स्थानीय लोगों ने दिखाई तत्परता

 

हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने जिस तरह तुरंत मदद पहुंचाई, उसकी सराहना की जा रही है। अगर समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जाता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। फिलहाल सभी की नजर डॉक्टरों की रिपोर्ट पर टिकी हुई है।