बिहार के सारण जिले के एकमा थाना क्षेत्र स्थित भोरहोपुर चंवर इलाके में रविवार को एक छात्रा के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
बताया जा रहा है कि आरोपितों ने छात्रा को चाकू दिखाकर जबरन अपने कब्जे में लिया और फिर सुनसान इलाके में ले जाकर वारदात को अंजाम दिया।
पुस्तकालय से लौट रही थी छात्रा
जानकारी के मुताबिक पीड़ित छात्रा दाउदपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली है। वह एकमा के हंसराजपुर स्थित पुस्तकालय में पढ़ाई करने के बाद अपने घर लौट रही थी।
इसी दौरान गंजपर पेट्रोल पंप के पास गंडक नहर के समीप बाइक सवार दो युवकों ने उसे रोक लिया।
चाकू दिखाकर जबरन बाइक पर बैठाया
आरोप है कि युवकों ने छात्रा को चाकू का भय दिखाकर जबरन मोटरसाइकिल पर बैठाया और उसे भोरहोपुर चंवर की ओर ले गए।
पीड़िता के अनुसार वहां उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। उसने यह भी बताया कि एक आरोपित ने मोबाइल फोन से अपने एक अन्य साथी को मौके पर बुलाया था।
किसी तरह घर पहुंची पीड़िता
घटना के बाद छात्रा किसी तरह अपने घर पहुंची और परिवार वालों को पूरी जानकारी दी। बेटी की आपबीती सुनकर परिवार के लोग स्तब्ध रह गए।
इसके बाद स्वजन तुरंत एकमा थाना पहुंचे और पुलिस को लिखित आवेदन दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एक विधि-विरुद्ध किशोर निरुद्ध
मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक विधि-विरुद्ध किशोर को निरुद्ध कर लिया है।
वहीं अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। जांच के दौरान अब तक कुल तीन आरोपितों की पहचान होने की बात सामने आई है।
SSP ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
घटना की गंभीरता को देखते हुए सारण के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) विनीत कुमार ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया।
उनके निर्देश पर सदर-2 अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।
एफएसएल टीम ने जुटाए वैज्ञानिक साक्ष्य
इधर, एफएसएल टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही बाकी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इलाके में आक्रोश और दहशत
दिनदहाड़े हुई इस घटना के बाद पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।