झारखंड की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य के पूर्व मंत्री Alamgir Alam को कथित टेंडर घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सोमवार को हुई सुनवाई में शीर्ष अदालत ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली। इस फैसले के बाद करीब दो वर्षों से न्यायिक हिरासत में बंद आलमगीर आलम के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को आलमगीर आलम के लिए बड़ी कानूनी राहत माना जा रहा है। वहीं, झारखंड की राजनीति में भी इस फैसले के बाद चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने सुनाया फैसला
मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति M. M. Sundresh और N. Kotiswar Singh की बेंच में हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने आलमगीर आलम की ओर से पेश की गई दलीलों पर विस्तार से विचार किया और उनकी जमानत याचिका को मंजूरी दे दी।
हालांकि, अदालत की ओर से जमानत की शर्तों को लेकर विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। माना जा रहा है कि जल्द ही निचली अदालत में औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनकी रिहाई हो सकती है।
हाईकोर्ट से नहीं मिली थी राहत
इससे पहले 11 जुलाई 2025 को झारखंड हाईकोर्ट ने आलमगीर आलम की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट के न्यायाधीश Sujit Narayan Prasad की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया था।
हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद आलमगीर आलम ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अब शीर्ष अदालत से जमानत मिलने के बाद उनके समर्थकों में खुशी का माहौल देखा जा रहा है।
ईडी ने पिछले वर्ष किया था गिरफ्तार
बताया जाता है कि पिछली सरकार में मंत्री रहे आलमगीर आलम को Enforcement Directorate ने पिछले वर्ष 15 मई को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी ने उन पर टेंडर घोटाले के जरिए करोड़ों रुपये की कथित मनी लॉन्ड्रिंग करने का आरोप लगाया था।
यह मामला उस समय सुर्खियों में आया था जब ईडी ने झारखंड के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की कार्रवाई की थी। जांच के दौरान कई अहम दस्तावेज और नकदी बरामद होने का दावा किया गया था।
32 करोड़ रुपये नकद बरामद होने से मचा था हड़कंप
ईडी की जांच के दौरान आलमगीर आलम के आप्त सचिव Sanjeev Kumar Lal और उनके घरेलू सहायक Jahangir Alam के ठिकानों से करीब 32.30 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए थे।
इतनी बड़ी मात्रा में कैश मिलने के बाद पूरे राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई थी। विपक्ष ने सरकार पर जमकर हमला बोला था, जबकि जांच एजेंसियों ने इसे बड़े स्तर की वित्तीय अनियमितता से जोड़कर देखा था।
नकदी बरामदगी के बाद ईडी ने मामले को गंभीर मानते हुए आलमगीर आलम को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद से ही वे न्यायिक हिरासत में थे।
झारखंड की राजनीति में फिर बढ़ी हलचल
सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद झारखंड की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर सियासी बयानबाजी और तेज हो सकती है।
हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि जमानत मिलने का मतलब आरोपों से बरी होना नहीं है। मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया अभी जारी रहेगी।