कोडरमा: Koderma जिले में जंगली हाथियों का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। जयनगर थाना क्षेत्र के कंझियाडीह स्थित एक ईंट भट्ठे पर मंगलवार देर रात हाथियों के झुंड ने हमला कर दिया, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
मिली जानकारी के अनुसार, भट्ठे पर करीब 40 मजदूर झोपड़ीनुमा घरों में सो रहे थे। इसी दौरान रात के अंधेरे में 25 से 30 हाथियों का झुंड वहां पहुंचा और अचानक झोपड़ियों को तोड़ना शुरू कर दिया। हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
इस दर्दनाक घटना में 32 वर्षीय राजकुमार मांझी (बिहार के फतेहपुर निवासी) और 12 वर्षीय लवकुश की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, गौरी देवी और कारी देवी समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भगदड़ के दौरान एक बच्चा झोपड़ी में फंस गया था। उसे बचाने के प्रयास में कुछ लोग हाथियों के करीब पहुंच गए, जिससे झुंड और उग्र हो गया और हमला तेज हो गया।
ग्रामीणों में आक्रोश
घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही पहले से थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
वन विभाग की सफाई
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हाथियों के झुंड को आबादी से दूर करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए विशेषज्ञ टीम की मदद ली जा रही है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें और रात में खुले में सोने से बचें।
बढ़ता इंसान-वन्यजीव संघर्ष
यह घटना एक बार फिर जंगल से सटे इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है। लगातार बढ़ रहे मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर अब ठोस रणनीति की जरूरत महसूस की जा रही है।