रांची/चाईबासा (झारखंड): सारंडा के घने जंगलों में माओवादियों के खिलाफ सुरक्षा बलों का बड़ा ऑपरेशन जारी है। इस अभियान में 1 करोड़ रुपये का इनामी नक्सली नेता और पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा अब सुरक्षा बलों के घेरे में फंस चुका है।
10 किलोमीटर के घेरे में फंसा दस्ता
खुफिया जानकारी के मुताबिक:
- मिसिर बेसरा 20-25 नक्सलियों के साथ बाबूडेरा और कुमडीह के जंगलों में छुपा है
- सुरक्षा बलों ने उसे करीब 10 किलोमीटर के दायरे में घेर लिया है
- इलाके के सभी रास्तों को पूरी तरह सील कर दिया गया है
बताया जा रहा है कि अब उसके लिए भाग निकलना लगभग असंभव हो गया है।
सप्लाई लाइन पूरी तरह बंद
सुरक्षा एजेंसियों ने:
- नक्सलियों की रसद और आपूर्ति लाइन काट दी है
- बाहरी मदद पहुंचने के सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं
इससे नक्सलियों का दस्ता लगातार कमजोर पड़ रहा है।
कई एजेंसियां ऑपरेशन में शामिल
इस बड़े ऑपरेशन में:
- CRPF
- कोबरा बटालियन
- झारखंड जगुआर
के जवान शामिल हैं। सभी संभावित रास्तों पर कैंप बनाकर घेराबंदी को मजबूत किया गया है।
पड़ोसी राज्यों की सीमा भी सील
नक्सलियों को भागने से रोकने के लिए:
- ओडिशा सीमा (कोइडा और बोलानी क्षेत्र) पूरी तरह सील
- छत्तीसगढ़ की ओर जाने वाले रास्ते भी बंद
ताकि माओवादी किसी भी हाल में राज्य से बाहर न निकल सकें।
पहले भी हो चुके हैं हमले
- पिछले दिनों IED ब्लास्ट में कई जवान घायल हुए थे
- कई बार मुठभेड़ भी हो चुकी है
- इसके बावजूद सुरक्षा बल लगातार दबाव बनाए हुए हैं
दुर्गम इलाके में आगे बढ़ रहे जवान
सारंडा का इलाका बेहद घना और दुर्गम है, इसके बावजूद:
- सुरक्षा बल धीरे-धीरे सटीक रणनीति के साथ आगे बढ़ रहे हैं
- ऑपरेशन को अंतिम चरण में माना जा रहा है
निष्कर्ष
सारंडा जंगल में चल रहा यह ऑपरेशन नक्सलवाद के खिलाफ एक बड़ा निर्णायक कदम साबित हो सकता है। अगर मिसिर बेसरा पकड़ा जाता है या ढेर होता है, तो यह सुरक्षा बलों के लिए बड़ी सफलता होगी।