रांची में आने वाले प्रमुख त्योहारों को लेकर राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। हेमंत सोरेन ने ईद, सरहुल और रामनवमी के मद्देनजर उच्च स्तरीय बैठक कर सभी जिलों के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं।
जुलूस में भड़काऊ गानों पर सख्त रोक
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि त्योहारों के दौरान किसी भी जुलूस में भड़काऊ या उत्तेजक गाने नहीं बजने चाहिए। इसके लिए जिला प्रशासन पूजा समितियों और अखाड़ों को प्री-रिकॉर्डेड गानों की पेनड्राइव उपलब्ध कराएगा, ताकि किसी भी तरह की विवादित स्थिति से बचा जा सके।
24 घंटे अलर्ट पर रहेगा प्रशासन
सीएम ने निर्देश दिया कि सभी पर्व-त्योहार शांतिपूर्ण और आपसी सद्भाव के साथ संपन्न हों। किसी भी प्रकार की अशांति, हिंसा या उपद्रव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस प्रशासन को 24 घंटे अलर्ट मोड में रहने और विधि-व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा गया है।
संवेदनशील इलाकों में कड़ी सुरक्षा
त्योहारों के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों और धार्मिक स्थलों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। जुलूस मार्ग का पहले से भौतिक सत्यापन कर सुरक्षा के सभी इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा गया है।
साथ ही, सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन सर्विलांस और शोभा यात्राओं की वीडियोग्राफी अनिवार्य करने का निर्देश दिया गया है।
सोशल मीडिया और अफवाहों पर नजर
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया है। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गुप्तचर तंत्र को भी सक्रिय रखने को कहा गया है, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर खास फोकस
शोभा यात्राओं में बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों की भागीदारी को देखते हुए उनके लिए विशेष सुरक्षा इंतजाम करने को कहा गया है।
जुलूस मार्ग में जगह-जगह सेफ जोन बनाने और आपातकालीन स्थिति से निपटने की पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
आपातकालीन सेवाएं रहेंगी तैयार
बिजली और पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस, दंगा रोधी वाहन और वाटर कैनन को तैयार रखने का आदेश दिया गया है।
साथ ही, रामनवमी और अन्य शोभा यात्राओं में झंडों की लंबाई को लेकर अदालत के निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है।
बैठक में कई अधिकारी रहे मौजूद
वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में राज्य के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य सचिव, डीजीपी और गृह विभाग के शीर्ष अधिकारी शामिल थे।
सरकार का स्पष्ट संदेश है कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या अशांति बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर हाल में शांति एवं सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।