ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव ने पूरे मध्य-पूर्व, खासकर Gulf Countries में अस्थिरता की स्थिति पैदा कर दी है। हालात तेजी से बदल रहे हैं और वहां रह रहे लाखों भारतीयों के मन में चिंता बढ़ गई है।
इस बीच केंद्र सरकार के साथ-साथ झारखंड सरकार भी सक्रिय हो गई है। विदेश मंत्रालय लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जताई चिंता
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मिडिल ईस्ट में फैली अशांति को गंभीर बताया है। उन्होंने गल्फ देशों में रह रहे झारखंडवासियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा:
“Gulf region में तेजी से बदल रहे हालात अत्यंत चिंता का विषय है। वहां रह रहे सभी झारखंडवासियों समेत देश के लोगों से अपील करता हूं कि वे सतर्क रहें। देश आपके साथ है।”
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हर परिस्थिति में अपने लोगों के साथ खड़ी है और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री से की अपील
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री Narendra Modi और विदेश मंत्री S. Jaishankar से अनुरोध किया है कि जो भी भारतीय नागरिक स्वयं को असुरक्षित या फंसा हुआ महसूस कर रहे हैं, उन्हें सुरक्षित स्वदेश लाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
उन्होंने कहा कि यह समय समन्वय और त्वरित कार्रवाई का है ताकि किसी भी भारतीय को संकट का सामना न करना पड़े।
प्रवासी भारतीयों से सतर्क रहने की अपील
CM सोरेन ने विशेष रूप से झारखंड के उन नागरिकों से अपील की है जो गल्फ देशों में काम या व्यवसाय के सिलसिले में रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि:
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अफवाहों पर ध्यान न दें
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स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें
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भारतीय दूतावास से संपर्क में रहें
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किसी भी आपात स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें
झारखंड राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष के हेल्पलाइन नंबर
झारखंड सरकार ने प्रवासी नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिया है। किसी भी आपात स्थिति में इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है:
📞 टोल फ्री हेल्पलाइन
☎️ लैंडलाइन नंबर
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0651-2480083
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0651-2481188
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0651-2480058
📱 व्हाट्सएप हेल्पलाइन
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9470132591
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9431336472
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9431336398
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9431336427
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9431336432
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन नंबरों पर 24x7 सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
क्यों बढ़ी है चिंता?
मिडिल ईस्ट में चल रहे सैन्य तनाव का असर पूरे Gulf क्षेत्र पर पड़ सकता है। यह क्षेत्र न केवल वैश्विक तेल आपूर्ति का केंद्र है, बल्कि यहां बड़ी संख्या में भारतीय कामगार, इंजीनियर, डॉक्टर और व्यवसायी रहते हैं।
झारखंड से भी हजारों लोग रोज़गार के लिए गल्फ देशों में कार्यरत हैं। ऐसे में उनके परिवारों में स्वाभाविक रूप से चिंता का माहौल है।
क्या करें गल्फ में रह रहे भारतीय?
✔ भारतीय दूतावास की वेबसाइट और आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट फॉलो करें
✔ पासपोर्ट और जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखें
✔ आपातकालीन संपर्क नंबर परिवार को साझा करें
✔ भीड़भाड़ और संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहें
केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त कोशिश
केंद्र सरकार, विदेश मंत्रालय और राज्य सरकार मिलकर हालात की निगरानी कर रहे हैं। जरूरत पड़ने पर विशेष उड़ानों के जरिए भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने की योजना भी बनाई जा सकती है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी नागरिक को असहाय नहीं छोड़ा जाएगा।
📌 निष्कर्ष
ईरान-इजराइल जंग ने मध्य-पूर्व में अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है, लेकिन सरकारें सतर्क और सक्रिय हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर झारखंडवासियों के लिए राहत की खबर है।
इस संकट की घड़ी में संयम, सतर्कता और आधिकारिक निर्देशों का पालन ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
👉 क्या आपके परिवार का कोई सदस्य गल्फ देशों में है?
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