भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान Mahendra Singh Dhoni को झारखंड राज्य आवास बोर्ड की ओर से नोटिस जारी किया गया है। मामला रांची स्थित एक आवासीय भूखंड के कथित दुरुपयोग से जुड़ा है।
क्या है पूरा मामला?
आवास बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, धोनी को जो प्लॉट आवंटित किया गया था, वह केवल आवासीय उपयोग के लिए निर्धारित था। लेकिन जांच में यह आरोप सामने आया है कि संबंधित भूखंड का इस्तेमाल व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है, जो आवंटन की शर्तों का उल्लंघन माना जाता है।
शुक्रवार को एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि करते हुए बताया कि इस संबंध में औपचारिक नोटिस जारी किया गया है और नियमानुसार जवाब मांगा गया है।
क्या हो सकती है कार्रवाई?
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं और आवंटन की शर्तों का उल्लंघन सिद्ध होता है, तो संबंधित भूखंड का आवंटन रद्द भी किया जा सकता है। हालांकि, अंतिम निर्णय धोनी या उनके प्रतिनिधियों के जवाब और आगे की जांच प्रक्रिया के बाद ही लिया जाएगा।
नियमों का पालन जरूरी
झारखंड राज्य आवास बोर्ड के नियमों के तहत आवासीय भूखंड का उपयोग केवल आवासीय उद्देश्य से ही किया जा सकता है। व्यावसायिक उपयोग के लिए अलग श्रेणी की स्वीकृति आवश्यक होती है।
फिलहाल इस मामले पर महेंद्र सिंह धोनी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आगे की कार्रवाई बोर्ड की जांच रिपोर्ट और प्राप्त स्पष्टीकरण पर निर्भर करेगी।