भारतीय क्रिकेट टीम के उभरते सितारे Rinku Singh के पिता खानचंद सिंह का शुक्रवार सुबह करीब 4:36 बजे निधन हो गया। वह चौथे स्टेज के लिवर कैंसर से पीड़ित थे और पिछले कुछ समय से उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी। इस दुखद खबर से खेल जगत और रिंकू के प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई है।
🏥 ग्रेटर नोएडा के यथार्थ हॉस्पिटल में चल रहा था इलाज
बीते मंगलवार को उनकी तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें ग्रेटर नोएडा के सेक्टर ओमेगा वन स्थित Yatharth Hospital में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था, लेकिन उनकी हालत लगातार नाजुक बनी रही।
वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे खानचंद सिंह
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। चौथे स्टेज के लिवर कैंसर से जूझ रहे खानचंद सिंह की सेहत में कोई सुधार नहीं हो पा रहा था। तमाम प्रयासों के बावजूद शुक्रवार तड़के उन्होंने अंतिम सांस ली।
🇮🇳 टीम इंडिया का साथ छोड़कर घर लौटे रिंकू सिंह
पिता की गंभीर हालत की सूचना मिलते ही रिंकू सिंह तुरंत टीम का साथ छोड़कर घर लौट आए थे। उस समय वह टीम इंडिया के साथ चेन्नई में थे और ICC Men's T20 World Cup के दौरान प्रैक्टिस सेशन में शामिल थे।
रिंकू ने पारिवारिक जिम्मेदारी को प्राथमिकता देते हुए तुरंत घर का रुख किया। उनके इस फैसले की खेल जगत में सराहना भी हुई।
संघर्ष भरा रहा रिंकू सिंह का सफर
रिंकू सिंह का क्रिकेट करियर बेहद प्रेरणादायक रहा है। एक साधारण परिवार से आने वाले रिंकू ने अपने दम पर भारतीय क्रिकेट में खास पहचान बनाई है।
पिता ने हर कदम पर किया प्रोत्साहित
आर्थिक तंगी के बावजूद पिता खानचंद सिंह ने बेटे के सपनों को कभी टूटने नहीं दिया।
उन्होंने हर परिस्थिति में रिंकू का हौसला बढ़ाया।
रिंकू की सफलता के पीछे उनके पिता का त्याग और संघर्ष अहम भूमिका में रहा।
रिंकू सिंह अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और मैच जिताऊ पारियों के लिए जाने जाते हैं। आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय मैचों में उनके प्रदर्शन ने उन्हें करोड़ों भारतीयों का पसंदीदा खिलाड़ी बना दिया