बोकारो (BOKARO): झारखंड में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला बोकारो जिले के महुआटांड़ वन क्षेत्र अंतर्गत बड़कीपुन्नू गांव से सामने आया है, जहां सोमवार सुबह हाथियों के हमले में तीन बुजुर्गों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे गांव में शोक और भय का माहौल है।
सुबह-सुबह हुआ हाथियों का हमला
ग्रामीणों के अनुसार, सोमवार सुबह हाथियों का एक झुंड गांव के पास पहुंच गया। इसी दौरान खेत और आसपास के इलाके में मौजूद बुजुर्ग हाथियों की चपेट में आ गए। हमले में तीन बुजुर्गों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
तीन महीने में आठ लोगों की जा चुकी है जान
ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों का यह आतंक कोई नई बात नहीं है। बीते तीन महीनों में इस क्षेत्र में हाथियों के हमलों में अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा दर्जनों घरों और फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। बड़कीपुन्नू समेत आसपास के कई गांवों में लोग लंबे समय से दहशत के साए में जीने को मजबूर हैं।
वन विभाग पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों का गुस्सा अब फूट पड़ा है। लोगों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि हाथियों के आतंक को लेकर कई बार शिकायत और आवेदन दिए गए, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि न तो हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने की स्थायी व्यवस्था की गई और न ही गांवों में सुरक्षा इंतजाम किए गए।
मुआवजे और स्थायी समाधान की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने और घायल महिला के बेहतर इलाज की व्यवस्था करने की मांग की है। साथ ही हाथियों के आतंक से निजात दिलाने के लिए प्रभावित इलाकों में गश्त, अलर्ट सिस्टम और स्थायी समाधान लागू करने की भी मांग की गई है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल गांव में डर का माहौल बना हुआ है और लोग रात के समय घरों से निकलने से कतरा रहे हैं।