पटना के चर्चित गर्ल्स हॉस्टल कांड के बाद आखिरकार बिहार सरकार सख्त कदम उठाने के मूड में नजर आ रही है। लगातार उठ रहे सवालों और बढ़ते जनदबाव के बीच राज्य सरकार ने गर्ल्स हॉस्टल और महिला लॉज के संचालन को लेकर नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी कर दी है।
इस SOP को प्रभावी ढंग से लागू कराने के लिए राज्य सरकार ने सभी जिलों के जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
👩🎓 महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता
सरकार के इस फैसले को महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा और जरूरी कदम माना जा रहा है।
नई SOP का उद्देश्य राज्यभर में संचालित गर्ल्स हॉस्टल और महिला लॉज में सुरक्षित, पारदर्शी और अनुशासित माहौल तैयार करना है।
📋 नई SOP के तहत तय किए गए अनिवार्य नियम
नई SOP के अनुसार अब सभी गर्ल्स हॉस्टल और महिला लॉज संचालकों को निम्नलिखित नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा:
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हॉस्टल परिसर में CCTV कैमरों की अनिवार्य व्यवस्था
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आने-जाने वाले हर व्यक्ति का रजिस्टर में रिकॉर्ड
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प्रशिक्षित सुरक्षा गार्ड की तैनाती
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अग्नि सुरक्षा उपकरण (Fire Safety) की उपलब्धता
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समय-समय पर पुलिस और प्रशासन द्वारा निरीक्षण
🚨 बिना रजिस्ट्रेशन हॉस्टल पर सख्त कार्रवाई
सरकार ने साफ कर दिया है कि बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे गर्ल्स हॉस्टल और महिला लॉज पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इतना ही नहीं, हॉस्टल में रहने वाली सभी छात्राओं की पूरी जानकारी स्थानीय थाने में उपलब्ध कराना भी अनिवार्य किया गया है।
📞 संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देना जरूरी
नई SOP के तहत यदि हॉस्टल परिसर में किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि पाई जाती है, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को देना हॉस्टल प्रबंधन की जिम्मेदारी होगी।
नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
🔒 जरूरत पड़ी तो हॉस्टल और लॉज होंगे सील
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि नियमों की अनदेखी की गई, तो संबंधित हॉस्टल या महिला लॉज को सील तक किया जा सकता है।
प्रशासन का मानना है कि सख्ती से ही व्यवस्था में सुधार लाया जा सकता है।
⚖️ विवाद के बाद उठी थी सख्त नियमों की मांग
गौरतलब है कि पटना में हाल ही में सामने आए गर्ल्स हॉस्टल विवाद के बाद से ही छात्राओं की सुरक्षा को लेकर ठोस व्यवस्था की मांग जोर पकड़ रही थी।
इसी क्रम में यह नई SOP जारी की गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
🤝 अभिभावकों का भरोसा होगा मजबूत
प्रशासन का कहना है कि इस फैसले से राज्यभर में संचालित गर्ल्स हॉस्टल और महिला लॉज में सुरक्षा का माहौल बनेगा और अभिभावकों का भरोसा भी मजबूत होगा।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन निर्देशों का जमीनी स्तर पर कितना सख्ती से पालन कराया जाता है।