रांची: रेलवे सुरक्षा बल (RPF) रांची ने नन्हे फरिश्ते अभियान के तहत दो नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित बचा लिया है। यह कार्रवाई RPF रांची के कमांडेंट पवन कुमार के निर्देशन में की गई। अभियान का उद्देश्य रेलवे परिसर में भटके या जोखिम में पड़े बच्चों को सुरक्षित करना है।
संयुक्त टीम ने चलाया जांच अभियान
RPF पोस्ट रांची की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU), DNFT टीम रांची और CIB रांची की संयुक्त टीम द्वारा रांची रेलवे स्टेशन पर नियमित जांच अभियान चलाया जा रहा था।
इसी दौरान शाम लगभग 5:30 बजे, प्लेटफार्म संख्या 2 पर दो लड़कियां संदिग्ध अवस्था में अकेली बैठी हुई पाई गईं। टीम को उनकी गतिविधियां असामान्य प्रतीत हुईं, जिसके बाद उनसे पूछताछ की गई।
पूछताछ में हुआ खुलासा
जांच के दौरान लड़कियों ने अपनी पहचान बताई। इनमें से एक की उम्र 14 वर्ष और दूसरी की उम्र 16 वर्ष थी। दोनों लड़कियां खूंटी जिले के रानिया थाना क्षेत्र के खटंगा गांव की निवासी हैं।
लड़कियों ने बताया कि वे घरेलू काम की तलाश में अपने घर से निकलकर रांची पहुंची थीं।
नाबालिग होने की पुष्टि, सुरक्षा सर्वोपरि
जांच में लड़कियों के नाबालिग होने की पुष्टि के बाद आरपीएफ ने सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कीं। इस दौरान यह आशंका जताई गई कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो दोनों शोषण या तस्करी का शिकार हो सकती थीं।
चाइल्डलाइन को सौंपा गया
सभी औपचारिकताओं के बाद लड़कियों को सुरक्षित रूप से चाइल्डलाइन रांची के सुपुर्द किया गया, ताकि आगे की काउंसलिंग और पुनर्वास प्रक्रिया शुरू हो सके।
आरपीएफ स्टाफ की अहम भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में उपनिरीक्षक सोहन लाल के नेतृत्व में RPF स्टाफ संजय यादव, दिव्या सिंह, पी पान, एसपी टोप्पो और सी कच्छप ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आरपीएफ की यह कार्रवाई बच्चों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता और समाज में जागरूकता बढ़ाने का संदेश देती है।