पटना। बिहार में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य में चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा (BPSC TRE 4) का आयोजन जल्द किया जाएगा। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इसकी औपचारिक घोषणा की। उन्होंने बताया कि TRE 4 के लिए 15 जनवरी से 20 जनवरी 2026 के बीच रिक्तियों का विवरण बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को भेज दिया जाएगा और रोस्टर क्लीयरेंस की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। इसके बाद अधिसूचना जारी होते ही उम्मीदवार आवेदन कर सकेंगे।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि बिहार सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2005 में राज्य का शिक्षा बजट जहां 4,000 करोड़ रुपये से थोड़ा अधिक था, वहीं अब यह बढ़कर करीब 70,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसी तरह शिक्षकों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 2005 में जहां लगभग डेढ़ लाख शिक्षक थे, वहीं अब बीपीएससी के माध्यम से 2.27 लाख और पंचायती राज विभाग के जरिए करीब ढाई लाख शिक्षकों की बहाली की जा चुकी है।
सुनील कुमार ने यह भी जानकारी दी कि शिक्षा विभाग साढ़े पांच हजार अनुकंपा के पदों पर भर्ती की तैयारी कर रहा है। इसके अलावा राज्य में करीब 5,500 लाइब्रेरियन पदों पर भी नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिसूचना जारी होने के बाद सभी योग्य उम्मीदवारों को आवेदन करने का अवसर मिलेगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिक्षा मंत्री ने स्कूलों की आधारभूत संरचना को लेकर भी अहम बातें कहीं। उन्होंने बताया कि राज्य में कई स्कूल भवन जर्जर हालत में हैं, जिनकी मरम्मत इस साल के भीतर कर ली जाएगी। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई शिक्षक ड्यूटी के दौरान गलत कार्य में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मिड-डे मील योजना का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य में करीब 97 लाख छात्रों के लिए भोजन की व्यवस्था की जा रही है। रसोइयों का मानदेय मुख्यमंत्री द्वारा चुनाव से पहले दोगुना किया गया था। कुछ जिलों में स्कूल भवनों की कमी के कारण कक्षाएं वैकल्पिक स्थानों पर संचालित हो रही हैं, लेकिन अगले छह महीनों में इस समस्या को दूर कर लिया जाएगा।
वहीं, अशोक चौधरी के प्रोफेसर नियुक्ति मामले पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि जांच प्रक्रिया जारी है और संबंधित आयोग इस पर समीक्षा कर रहा है।
कुल मिलाकर, बिहार में शिक्षक और लाइब्रेरियन बहाली को लेकर प्रक्रिया तेज हो गई है। साथ ही सरकार स्कूल भवनों की मरम्मत और छात्रों को बेहतर सुविधाएं देने पर भी जोर दे रही है, जिससे शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाया जा सके।