बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर मछुआरा समुदाय के लिए बड़ी राहत लेकर आए हैं। रिकॉर्ड 10वीं बार मुख्यमंत्री बनने के बाद नीतीश सरकार लगातार जनकल्याणकारी योजनाओं पर फोकस कर रही है। इसी क्रम में राज्य के मछुआरों के लिए “नाव एवं जाल पैकेज वितरण योजना” की शुरुआत की गई है, जिसके तहत नाव और मछली पकड़ने के जाल की खरीद पर 90 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी।

इस योजना के जरिए पात्र मछुआरों को एक लाख रुपये से अधिक का सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा, जिससे उनकी आजीविका मजबूत होगी और पारंपरिक मछली पालन को बढ़ावा मिलेगा।


 नाव और जाल खरीद पर मिलेगा भारी अनुदान

डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग द्वारा शुरू की गई इस योजना के अंतर्गत मछुआरे अपनी जरूरत के अनुसार निम्न में से किसी एक पैकेज का चयन कर सकते हैं—

  • फिशिंग वुडेन बोट पैकेज

  • फिशिंग FRP बोट पैकेज

  • कॉस्ट (फेका) जाल पैकेज

सरकार इन सभी पैकेजों पर अधिकतम 90% तक सब्सिडी प्रदान करेगी।


 इकाई लागत और सब्सिडी विवरण

  • फिशिंग वुडेन बोट पैकेज: ₹1,24,400

  • फिशिंग FRP बोट पैकेज: ₹1,54,400

  • कॉस्ट (फेका) जाल पैकेज: ₹16,700

इन पर मिलने वाली सब्सिडी के बाद मछुआरों को बेहद कम राशि खुद से खर्च करनी होगी।


 31 दिसंबर 2025 तक कर सकते हैं आवेदन

इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
राज्य मत्स्यजीवी सहयोग समिति के सदस्य और परंपरागत मछुआरे इसका लाभ उठा सकते हैं।

  • आवेदन की अंतिम तिथि: 31 दिसंबर 2025

  • आवेदन माध्यम: ऑनलाइन

  • वेबसाइट: fisheries.bihar.gov.in

आवेदन के दौरान मोबाइल नंबर, बैंक खाता विवरण, IFSC कोड, आधार कार्ड और मछली शिकार से जुड़े दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य होगा।


 इन वर्गों को मिलेगा विशेष लाभ

इस योजना का लाभ—

  • परंपरागत मछुआरे

  • मछली पालन से जुड़ी महिलाएं

  • अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST)

राज्य के सभी जिलों के पात्र मछुआरे आवेदन कर सकते हैं। लाभार्थियों का चयन उप मत्स्य निदेशक की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जाएगा।


 नीतीश सरकार की यह पहल मछुआरा समुदाय को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जिससे हजारों परिवारों की आजीविका को सीधा लाभ मिलेगा।