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शिवरात्रि को लेकर दुमका में किये गए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, चप्पे-चप्पे पर है पुलिस बल की तैनाती

deoghar news DIG discussed about the security issue

Deoghar News: झारखंड के संताल परगना में शिवरात्रि को लेकर तैयारी पूरी हो चुकी है। मंगलवार की देर रात को पूरे विधि विधान के अनुसार भगवान शिव- और माता पार्वती का विवाह किया जायेगा। देवघर में ज्योतिर्लिंग बाबा वैधनाथ और उपराजधानी दुमका जिले के विश्व प्रसिद्ध बाबा वासुकिनाथ धाम में प्रशासन शिव पार्वती की शादी के लिए तैयार है।

भक्त इसको लेकर काफी उत्साहित है। महाशिवरात्रि का ये महापर्व सदियों से मनाये जाने की परम्परा है और शास्त्रों के मुताबिक महाशिवरात्रि पर्व भगवान शिव को खुश करने के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है .सुरक्षा को देखते हुये प्रशासन ने चप्पे चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की है। देर रात को शिवबारात निकलेगी। हालाँकि प्रशासन ने कोविड गाइड लाइन का पालन सुनिश्चित कराने के लिए बारात निकालने पर पाबन्दी लगाई है.

लेकिन बाबा वैधनाथ धाम और बाबा बासुकीनाथ धाम में श्रद्धालुओ का जमावड़ा होना सुरु हो गया है। हर कोई बाबा और मैया की शादी का गवाह बनकर अपने को धन्य होना चाहता है। यही वजह है कि लोग झारखण्ड के अलावे बिहार, बंगाल और मिथिलांचल से श्रद्धालु चले आते है और व्रत रख पूरी श्रद्धा से बाबा मैया के पवित्र विवाह का शाक्षी बनते है। और रात भर नाचते गाते झूमते रहते है।

मान्यता है कि देवघर के बाबा बैधनाथ को दीवानी और दुमका के बासुकीनाथ को फौजदारी बाबा कहा जाता है कहते है कि इस फौजदारी दरवार से कोई भी श्रद्धालु यहाँ से खाली हाथ नहीं लौटता और उसकी फरियाद जल्द ही पूरी होती है इसलिए श्रद्धालु देवघर के बाद बासुकीनाथ धाम जरूर पहुंचते है। खास कर यहाँ झारखण्ड के अलावे बिहार,बंगाल और उत्तरप्रदेश के श्रद्धालु यहाँ पहुंचे हुये है।

बताया जाता है कि देश के बारह द्वादश ज्योर्तिलिंग में से एक देवघर का कामना लिंग बाबा वैधनाथ के मंदिर और फौजदारी बाबा के रुप में विख्यात बासुकिनाथ में नागेश ज्योर्तिलिंग का यह दरबार भक्तों की संपूर्ण कामनाओं को पूरा करता है. खास कर जब शिवरात्रि का दिन हो , कहा जाता है की आज के ही दिन बाबा भोले नाथ ने माता पार्वती से विवाह किये थे ,कहावत ये है की शिवरात्रि के दिन बाबा भोलेनाथ अपने आवास हिमालय से उतरकर सभी शिवालयों में विराजमान हो जाते है और जो भी भक्त बाबा की श्रधा से जो कामना करते है बाबा उसकी सारी मनोकामना पूर्ण करते है खास कर स्त्रियाँ इस दिन को काफी शुभ मानती है और दिन भर उपवास रख कर बाबा की आराधना करती है जिससे उन्हे मन वांचित फल मिल सके।कहा जाता है की माँ सती का ह्रदय इसी देवघर में गिरा था इसलिए इस स्थान को हृदयपीठ भी कहा जाता है।

इधर संताल परगना के डीआईजी सुदर्शन मंडल ने बताया कि शिवरात्री को देखते सुरक्षा का पुख्ता इंतज़ाम किया गया है। चप्पे -चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। मंदिर और आसपास सीटीवी कैमरा के अलावे सिविल ड्रेस में पुलिस की नियुक्ति की गई है।

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