समाचार प्लस
Breaking देश फीचर्ड न्यूज़ स्लाइडर बिहार

बिहार में सिस्टम ने उठा डाली एक परिवार के अरमानों की अर्थी

bihar liquor

एस के राजीव, ब्यूरो हेड बिहार की रिपोर्ट 

Bihar Liquor: बिहार में शराब इन दिनों घरों में न सिर्फ कोहराम मचा रहा है बल्कि परिवार के अरमानों की अर्थी भी उठा रहा है. ताजा मामला औरंगाबाद के खिरियावा गांव की है जहां बेटी की डोली सजाने के लिये पिता तैयारी तो कर रहा था लेकिन उसे यह नहीं पता था कि शराब की एक घूंट न सिर्फ उससे उसकी जिंदगी छिन लेगा बल्कि उसके साथ उसके परिवार के अरमानों की भी अर्थी उठाने को मजबूर कर देगा.

खिरियावा पंचायत के खिरीयावा निवासी अशोक पासवान उर्फ पप्पू उम्र 35 वर्ष क्या ये भी भला मरने की उम्र होती है लेकिन अशोक अब इस दुनिया में नहीं रहा। यह एक ऐसी सच्चाई है जिसे अशोक का परिवार स्वीकार करने को तैयार नहीं है। तैयार हो भी तो भला कैसे क्योंकि अभी 14 दिन बाद अशोक को अपनी प्यारी बेटी पोली की डोली जो उठानी थी. लेकिन सरकार के शराब के लिये बनाई सिस्टम ने अशोक को भरी जवानी में मरने पर विवश कर दिया या फिर यूं कहें की मार दिया—सिस्टम को कोई फर्क नहीं पड़ता लेकिन अशोक की मौत ने जीते जी सिर्फ एक नहीं बल्कि पूरे परिवार को मरने पर मजबूर कर दिया है–अव जरा महसूस कीजिये अशोक के 4 वर्षीय मासूम बेटे विराट के इस दर्द को जो अभी अभी अपने पिता को आग के हवाले कर लौटा है.

बिहार में सरकार ने शराब को बंद कर रखा है फिर भी सिस्टम की सरांध की बू ऐसी आती है कि लोग शराबबंदी के बावजूद शराब पी रहे हैं। अशोक को अपनी बेटी की 14 जून को शादी करनी थी और घर पर तैयारी भी जोरों की थी लेकिन शराब की एक घूंट ने अशोक को बेटी की डोली उठाने से पहले ही खुद की अर्थी उठवाने पर मजबूर कर दिया—जवान बेटी पोली टूट सी गई है और सामने अपने पिता के अरमानों की अर्थी उठते देखने को मजबूर कर दिया है. काफी कुरेदने पर सिसकती आवाज में कुछ कहना चाहती है लेकिन शायद उसे यह नहीं पता की सिस्टम की शोर के बीच उसकी आवाज मद्धिम सी पर गई है.

जनता की चुनी हुई सरकार अपने सिस्टम को उसी जनता पर जवरन इस तरह थोपना चाह रही है जिसके तले 2016 से लेकर अव तक सैकड़ों बली ली जा चुकी है–हां मरने वालों में एक अशोक नहीं है बल्कि कई अशोक हैं जो अपनी जान सिस्टम की जिद्द के सामने गवां चुके हैं लेकिन सिस्टम है जो अपनी सत्ता के धमक के आगे इन सिसकती आवाजों को सुन नहीं पा रही या फिर सुनने का वावजूद भी जानबूझकर बहरी बन जा रही है।

इसे भी पढें: मुख्यमंत्रियों की भी खैर नहीं! चौटाला ही नहीं कई मुख्यमंत्री खा चुके हैं जेल की हवा, बिहार और झारखंड के 3 CM

Bihar Liquor

Related posts

JSSC CGL Recruitment 2022: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग में 956 पदों पर निकलीं भर्तियां,15 जनवरी से करें आवेदन

Manoj Singh

भारत के 5 क्रूर Serial Killers, इन्हें पकड़ने के लिए पुलिस को भी करनी पड़ी थी मशक्कत

Sumeet Roy

लखीमपुर-खीरी: पूछताछ में असहयोग कर रहा केन्द्रीय मंत्रिपुत्र आशीष मिश्रा भेजा गया जेल

Pramod Kumar