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COVID19: कोरोना ने पकड़ी रफ्तार, नये केस 46 हजार से पार, केरल की स्थिति सबसे खतरनाक

कोरोना ने पकड़ी रफ्तार, नये केस 46 हजार से पार

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

जैसे-जैसे सितम्बर का महीना नजदीक आ रहा है, देश में कोरोना संक्रमण की रफ्तार बढ़ती जा रही है। नीति आयोग सितम्बर के महीने में कोरोना की स्थिति विस्फोटक होने की भविष्यवाणी कर पहले ही डरा चुका है, ऊपर से दिन प्रतिदिन कोरोना के बढ़ते केस सचमुच डराने लगे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जो आंकड़ा जारी किया गया है उसमें पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के देशभर में 46,164 नये मामले आये हैं और 607 मौतें हुईं हैं। 5 अगस्त को मिले 45 हजार नये मामलों के बाद आज यह आंकड़ा 46 हजार के पार पहुंचा है। इस बीच देशभर में कुल 60.28 करोड़ का टीकाकरण हो चुका है।

देश में सबसे खतरनाक स्थिति केरल राज्य की बनी हुई है। आंकड़े देखकर लगता है मानो यह अपने देश के किसी राज्य का नहीं, बल्कि किसी देश का आंकड़ा है। केरल में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 31,445 नये मामले से वहां की स्थिति समझी जा सकती है। इस दौरान 215 लोगों की कोरोना से मौत भी हुई है।

केरल में तेजी से बढ़ रहे मामले

केरल में एक बार फिर कोरोना वायरस के मामले 30 हजार से पार पहुंचे हैं। अकेले केरल के चलते पूरे देश में नये मामलों का आंकड़ा 46 हजार को पार कर गया है। बता दें, तीन महीने के बाद यह आंकड़ा 31,445 तक पहुंचा। बुधवार के डेटा के मुताबिक, केरल में एक दिन में 31,445 नए मामले आए, जबकि 215 मौतें हुईं और 20,271 रिकवरी हुईं। राज्य में पॉजिटिविटी रेट 19.03% है। हालांकि इस दौरान 34,242 लोगों को कोरोना संक्रमण से मुक्ति भी मिली है। इससे पहले 30 मई को यहां 30,491 नये मामले मिले थे।

‘सबकुछ’ खोलने की हड़बड़ी बढ़ा न दे परेशानी

इसमें कोई संदेह नहीं है कि कोरोना के बढ़ते केस देशभर में हो रही लापरवाही का नतीजा है। यह लापरवाही सिर्फ जनता ही नहीं कर रही, बल्कि राज्य सरकारें भी कर रही हैं। हाल के दिनों में एक के बाद एक राज्यों ने अपने यहां के लॉकडाउन की पाबंदियों को लगभग समाप्त कर दिया है। बिहार, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली ने बाजार को पूरी तरह खोलने का निर्णय लिया है। बाजार, मॉल, सिनेमा हॉल, मेट्रो को खोलने के साथ स्कूलों को भी खोलने की तैयारियां भी कर ली गयी हैं। राज्यों के इस निर्णय के बाद जाहिर है सार्वजनिक स्थानों पर भीड़भाड़ बढ़ रही है। सिर्फ भीड़भाड़ ही नहीं बढ़ रही है, बल्कि कोरोना के केसेस भी बढ़ रहे हैं। राज्य सरकारों को यह निर्णय लेने से पहले नीति आयोग की उस भविष्यवाणी पर गौर करना चाहिए था जिसमें उसने कहा था कि सितम्बर महीने में एक दिन में 4 लाख तक कोरोना के नये केसेस आने लगेंगे। देश के लिए राहत की बात इतनी है कि अभी भी ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह से सुचारू नहीं हुआ है।

नया खतरा कोविड-22, डेल्टा वेरिएंट से खतरनाक बता रहे एक्सपर्ट

एक विशेषज्ञ ने ‘कोविड-22’ नामक एक नये खतरे की चेतावनी जारी की है। इस विशेषज्ञ का यह कहना है कि यह नया वेरिएंट मौजूदा सबसे घातक डेल्टा वेरिएंट से भी ज्यादा खतरनाक हो सकता है। ज्यूरिक में इम्यूनोलॉजिस्ट प्रोफेसर डॉक्टर साई रेड्डी ने कहा कि इस नये वेरिएंट के आने की प्रबल संभावना है। जब यह नया वेरिएंट आएगा और हम उससे बचने के लिए वैक्सीन पर निर्भर नहीं रह पाएंगे। अगर कोई ऐसा व्यक्ति जिसने वैक्सीन नहीं लगवाई है, और वह कोविड-22 के सम्पर्क में आयेगा तो वह ‘सुपर स्प्रेडर’ बन सकता है। कहने का तात्पर्य यह कि यह वेरिएंट तेजी से फैलेगा।

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