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देश में ईंधन की कीमत घटने पर भी कांग्रेस परेशान, भाजपा शासित राज्यों के फैसलों से माथे पर बल!

Petrol Congress

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

केन्द्र की मोदी सरकार ने पेट्रोल और डीजल के शुल्क में कटौती कर देश को दिवाली को तोहफा दिया है। लेकिन कीमतों में यह कटौती कांग्रेस को नहीं पच रही है। कांग्रेस आंकड़ों के आधार पर देश को यह समझाने का प्रयास कर रही है कि कीमतों में कटौती की जरूरत ही नहीं होनी चाहिए थी। जब कच्चे तेल की कीमतें 2014 के स्तर से भी कम हैं, तब तेल की कीमतें ही क्यों बढ़ाई गयीं। इसके अलावा कांग्रेस उपचुनावों में भाजपा को मिली हार को कीमतों में कटौती किये जाने का कारण बता रही है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ”देशवासियों को सबक सिखाने के लिए बधाई टैक्सजीवी मोदी सरकार। लोकतंत्र में वोटों की हार ने भाजपा को सच्चाई का आईना दिखाया है।”

पुराने आंकड़ों से तेल की कीमतों का गणित समझाने का प्रयास

उन्होंने आगे कहा कि “याद रखें कि मई 2014 में जब पेट्रोल 71.41 रुपये और डीजल 55.49 रुपये प्रति लीटर था, तब कच्चा तेल 105.71 डॉलर प्रति बैरल था। आज कच्चा तेल 82 डॉलर प्रति बैरल है। कीमत 2014 के बराबर कब होगी?”

सुरजेवाला ने यह भी कहा, “कांग्रेस सरकार (यूपीए सरकार) के दौरान पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 9.48 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 3.56 रुपये प्रति लीटर था। मोदी सरकार के तहत पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 32.90 रुपये प्रति लीटर था, जो 27.90 रुपये प्रति लीटर है। इसी तरह डीजल पर उत्पाद शुल्क 31.80 रुपये प्रति लीटर था, जो अब 21.80 रुपये प्रति लीटर है। मोदी जी, यह जुमला काम नहीं करेगा, आपने जो दरें बढ़ाई हैं, उन्हें कम करना होगा।

अर्थव्यवस्था क्या कभी अपरिवर्तनशील रह सकती है?

पुराने आंकड़ों का जिक्र करते हुए अर्थव्यवस्था का कौन-सा गणित सुरजेवाला के जेहन में था, यह तो नहीं समझा आया, लेकिन इतना समझ जरूर आया कि उनके अनुसार, अगर अनन्त काल तक कच्चे तेल की कीमतें स्थिर रहें तब न तो ईंधन के दाम बढ़ने चाहिए, अर्थव्यवस्था का स्तर भी नहीं बदलना चाहिए। लोगों का आर्थिक स्तर, बाजार, लोगों का पर कैपिटा इनकम, लोगों का जीवन-स्तर, वगैरह-वगैरह स्थिर हो जाने चाहिए। उनमें कोई परिवर्तन नहीं आना चाहिए। अर्थव्यवस्था में क्या ऐसा सम्भव है? दूसरों की छोड़िये, खुद सुरजेवाला के 2014 और 2021 के आर्थिक स्तर में कोई परिवर्तन नहीं आया है?

अपने राज्यों में तेल की कीमतें कम न कर पाने की चुनौती

खैर, उदाहरणों से कांग्रेस ने समझाने का अच्छा प्रयास किया है। लेकिन कांग्रेस की असली पीड़ा कुछ और है। केन्द्र द्वारा उत्पाद शुल्कों में कमी करने के साथ भाजपा शासित 9 राज्यों ने करों में अतिरिक्त कटौती कर ईंधन की कीमतों को और कम कर दिया है। अब कांग्रेस की चिंता यह है कि जिन राज्यों में उसकी सरकारें है, वहां तेल की कीमतें कैसे कम करें। कीमतें कम करते हैं तो राजस्व की हानि, कीमतें कम नहीं करते तो आगामी चुनावों में हानि।

 

अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए कीमतों में कटौती – केन्द्र

ईंधन की कीमतों में कटौती करते  हुए वित्त मंत्रालय ने कहा था कि कच्चे तेल की कीमतों में वैश्विक उछाल और मुद्रास्फीति के दबाव के कारण पेट्रोल-डीजल की घरेलू कीमतों में इजाफा हुआ था। अब सरकार ने अर्थव्यवस्था को और गति देने के लिए डीजल-पेट्रोल से उत्पाद शुल्क कम करने का निर्णय किया है।

केंद सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती करने के बाद सभी राज्यों से लोगों को राहत पहुंचाने के लिए वैट में अतिरिक्त कटौती करने की अपील की थी। उसके बाद भाजपा शासित राज्यों ने भी वैट में कटौती का ऐलान कर दिया।

भाजपा शासित 9 राज्यों ने इस प्रकार सस्ते किये पेट्रोल-डीजल के दाम
  • असम, त्रिपुरा, मणिपुर, कर्नाटक, गोवा, उत्तर प्रदेश, गुजरात, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अतिरिक्त कटौती का ऐलान किया है। असम, त्रिपुरा, मणिपुर, कर्नाटक और गोवा सरकार ने केंद्र की राहत के अलावा पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 7 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। इससे वहां पेट्रोल 17 रुपये और डीजल 12 रुपये प्रति लीटर सस्ता हो गया है।
  • उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने पेट्रोल पर 7 रुपये, तो डीजल पर 2 रुपये लीटर वैट कम करने का ऐलान कर दिया। इस प्रकार यहां दोनों ईंधनों के दामों में 12-12 रुपये प्रति लीटर की कमी हो गयी है।
  • उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पेट्रोल पर वैट 2 रुपये प्रति लीटर कम करने और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जल्द ही पेट्रोल-डीजल पर वैट कम करने के लिए अधिसूचना जारी करने को कहा है।
  • त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने बुधवार देर रात ट्वीट पेट्रोल और डीजल की लागत में 7 रुपये प्रति लीटर की कमी करने की जानकारी दी।
  • बिहार सरकार ने भी लोगों को दिवाली का तोहफा देने की तैयारी की है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर वैट घटाने का ऐलान किया गया है। राज्य में पेट्रोल पर 30 रुपये और डीजल पर 1.90 रुपये प्रति लीटर वैट कम किया जाएगा।

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