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Congress President Election: मल्लिकार्जुन या शशि थरूर किसके नाम पर लगेगी मुहर, मतदान आज

Congress: In whose name Mallikarjun or Tharoor will be stamped, voting today

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

कांग्रेस के गठन के 137 के इतिहास में छठा अवसर है जब पार्टी अपने अध्यक्ष के लिए आंतरिक मतदान करा रही है। राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने से इनकार कर दिये जाने के बाद कांग्रेस ने मतदान से अध्यक्ष का चुनाव करने का फैसला लिया है। उसी के लिए आज वोट डाले जायेंगे। 19 अक्टूबर को पता चल जायेगा कि मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर में से कौन कांग्रेस अध्यक्ष बना है। वैसे तो चर्चा में मल्लिकार्जुन की दावेदारी ही ज्यादा मजबूत लग रही है, क्योंकि चुनाव से पहले शशि थरूर पार्टी में अपनी उपेक्षा की कई बार शिकायतें कर चुके हैं। मल्लिकार्जुन और थरूर ही चुनाव मैदान में हैं। राहुल गांधी के इनकार के बाद सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी ने भी खुद को अध्यक्ष पद की रेस में शामिल नहीं किया। बता दे, 24 साल बाद कांग्रेस को कोई गैर गांधी अध्यक्ष मिलने वाला है। कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव के लिए सोमवार सुबह दस बजे से वोटिंग शुरू हो जाएगी। चार बजे तक वोटिंग का समय निर्धारित किया गया है। देश भर में 40 केंद्रों पर इसके लिए 68 बूथ बनाए गए हैं। करीब 9800 मतदाता इसमें हिस्सा लेंगे जो अलग-अलग प्रदेशों के प्रतिनिधि हैं।

राजधानी रांची में भी बनाया गया है बूथ

झारखंड में राजधानी रांची में स्थिति कांग्रेस कार्यालय में भी बूथ बनाया गया है।कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव के लिए झारखंड में 319 डेलिगेट्स लेंगे मतदान में हिस्सा। मतदान के दौरान पीआरओप्रकाश जोशी,एपीआरओ भवेश चौधरी और जीतेन्द्र कसाना के निगरानी में मतदान की सारी प्रकिया होंगी।

खड़गे का पलड़ा भारी

माना जा रहा है कि मल्लिकार्जुन खडगे का ही चुनाव में पलड़ा भारी है। इसका सबसे कारण यह है कि वह गांधी परिवार के नजदीकी और भरोसेमंद हैं। एक तरह से देखा जाये तो मल्लिकार्जुन खडगे  पार्टी के ‘आधिकारिक’ उम्मीदवार हैं, इसलिए उनकी जीत पक्की मानी जा रही है। भले ही पार्टी कह रही है कि वह किसी भी उम्मीदवार का पक्ष नहीं लेगी, लेकिन कई वरिष्ठ नेता गांधी परिवार के प्रभाव के कारण खड़गे का समर्थन करेंगे। वहीं, दूसरी तरफ शशि थरूर खुद को बदलाव के उम्मीदवार के तौर पर पेश कर रहे हैं। यह एक बड़ी वजह है कि थरूर के मुकाबले खड़गे को ज्यादा तरजीह मिल रही है।

कांग्रेस में कब-कब हुए हैं चुनाव

137 सालों में पार्टी में छठी बार अध्यक्ष चुनने के लिए आंतरिक चुनाव हो रहे हैं। 1939, 1950, 1977, 1997 और 2000 के चुनाव हुए थे।

  • 1939 में महात्मा गांधी समर्थित पी सीतारमैय्या को हराकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस अध्यक्ष बने थे।
  • 1950 में सरदार पटले के करीबी पुरुषोतम दास टंडन ने आचार्य कृपलानी से बाजी मारी थी।
  • 1977 में करण सिंह और सिद्धार्थ शंकर रे को हराकर केसु ब्रह्मनंदा रेड्डी अध्यक्ष बने।
  • 1997 में सीताराम केसरी ने शरद पवार और राजेश पायलट को हराकर बाजी मारी।
  • 2000 में जीतेंद्र प्रसाद को सोनिया गांधी के हाथों बुरी तरह हार मिली। सोनिया गांधी को जहां 7,400 वोट मिले, जबकि प्रसाद को मात्र 94 वोट ही मिले।

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