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झारखंड विधानसभा विशेष सत्र: अपनी सियासी जमीन मजबूत कर जाएंगे CM Hemant Soren!

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Jharkhand Political Crisis: झारखंड विधानसभा (Jharkhand Legislative Assembly) का एक दिन का विशेष सत्र सोमवार को होना है। इसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) की सरकार जहां सदन का विश्वास हासिल करेगी,  वहीं कई अहम फैसलों पर भी मुहर लग सकती है। झारखंड में भी बिहार की तर्ज पर जातिगत जनगणना हो सकती है।कांग्रेस इसकी मांग कर रही है। इसके प्रस्ताव पर सदन में चर्चा होने की संभावना है। वहीं, 1932 के आधार पर स्थानीयता लागू करने से लेकर ओबीसी-एससी-एसटी आरक्षण में बढ़ोतरी का प्रस्ताव लाया जा सकता है। सरकार इसकी तैयारी में जुट गई है।

लौटे विधायक, सर्किट हाउस में ठहरेंगे 

वहीँ इसी बीच (Jharkhand Political Crisis) बीते दिनों विशेष चार्टर्ड विमान से छत्तीसगढ़ गए झामुमो-कांग्रेस के विधायक रविवार को रांची लौट आए हैं। सभी विधायक रविवार रात मोरहाबादी स्थित सर्किट हाउस में ही रूकेंगे। विधायक सोमवार को बुलाये गए विधानसभा के सत्र में भाग लेंगे। सर्किट हाउस से ही विधायकों के विधानसभा जाने की सूचना है। पिछले पांच दिनों से रायपुर के मेफेयर रिसोर्ट में ठहरे विधायक करीब चार बजे विशेष विमान से रांची लौटे। रांची एयरपोर्ट से सभी विधायक बस में बैठकर सर्किट हाउस पहुंचे। रांची लौटने वाले विधायकों की संख्या 30 हैं।

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दिल्ली की तर्ज पर विश्वास प्रस्ताव पेश करेंगे!

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विधानसभा में दिल्ली की तर्ज पर विश्वास प्रस्ताव पेश करेंगे। इस अविश्वास प्रस्ताव में जिस तरह से दिल्ली के मुख्यमंत्री की जीत हुई थी, उसी तरह से उनकी भी जीत की संभावना जताई जा रही है।

बीजेपी को बेनकाब कर सकता है हेमंत सोरेन का यह कदम 

इस तरह हेमंत सोरेन भी अपनी सरकार को अस्थिर करने की कथित भाजपा की कोशिश पर हमला कर सकते हैं। वे इस बात पर बोल सकते हैं कि आखिर गठबंधन के लगभग तीन दर्जन विधायकों को कांग्रेस शासित रायपुर में क्यों भेजना पड़ा।

पिछड़े वर्ग का आरक्षण बढाने का लेंगे फैसला

आरक्षण बढ़ाने को लेकर हेमंत सोरेन प्रत्येक दिन विपक्षी दलों को सियासी मात दे रहे हैं, ऐसे में अब उन्होंने एक दिन का विशेष सत्र बुलाया है, जिसमें  हो सकता है कि पिछड़े वर्ग का आरक्षण 14 से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने का फैसला ले लिया जाए। इसकी मांग झारखंड में लम्बे समय से की जा रही है।

एसटी -एससी आरक्षण प्रतिशत भी बढ़ाया जा सकता है

इसके अलावा अनुसूचित जनजाति का आरक्षण प्रतिशत भी बढ़ाया जा सकता है। स्थानीय नीति पर हेमंत सरकार जमीन के अंतिम सर्वे को आधार बनाना चाहती है। झामुमो के भीतर भी इसे लेकर दबाव है। मांग 1932 के खतियान को आधार बनाने की है, लेकिन यह भी चर्चा है कि कट ऑफ डेट में बदलाव पर विचार किया जाएगा। सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज है कि ऐसा कर सीएम हेमंत सोरेन अपनी सियासी जमीन को मजबूत कर पाने में सफल हो सकते हैं साथ विपक्ष को वे ऐसा कर करारा जवाब दे सकते हैं।

राज्यपाल सोमवार को लौटेंगे

राज्यपाल रमेश बैस दिल्ली में हैं। वह निजी कारणों से दिल्ली गए हैं, लेकिन सियासी हल्कों में मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़ा जा रहा है। उम्मीद है कि राज्यपाल के लौटने पर हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता पर उनका फैसला सार्वजनिक हो सकता है। जानकारी के अनुसार राज्यपाल अब रविवार के बजाय सोमवार को रांची लौटेंगे। दूसरी ओर विधानसभा सविचालय सोमवार को होने जा रहे विशेष सत्र की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है। वर्तमान में 81 सदस्यीय सदन में सबसे बड़ी पार्टी झामुमो के 30, कांग्रेस के 18 और राजद के एक विधायक हैं जबकि मुख्य विपक्षी दल भाजपा के 26 विधायक हैं

ये भी पढ़ें : सहायक पुलिसकर्मियों ने मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार, बोले Hemant Soren- आपके सुरक्षित और बेहतर भविष्य को लेकर सरकार गंभीर

 

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