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टेंशन की बात! चीन ने सीमा पर अपने कमांड मुख्यालयों में तैनात किये पाकिस्तानी सेना के अधिकारी

चीन ने सीमा पर अपने कमांड मुख्यालयों में तैनात किये पाकिस्तानी सेना के अधिकारी

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

एलएसी पर चीन की हरकतें चिंता बढ़ाती हैं। कभी-कभी तो ऐसा लगता है कि चीन कहीं भारत के साथ युद्ध की तैयारी तो नहीं कर रहा है। वैसे भी पिछले साल गलवान घाटी में हुए संघर्ष के बाद से पूर्वी लद्दाख में गतिरोध बना ही हुआ है। कुछ दिनों पहले 100 से अधिक सैनिक उत्तराखंड में भारतीय सीमा में घुस आये थे और एक पुल को क्षतिग्रस्त कर लौट गये थे। सीमा पर शांति बनी रहे, इसको लेकर दोनों देशों में कई दौर की वार्ता भी हो चुकी है, फिर भी चीन है कि मानता नहीं। चीन बार-बार हरकतें करके विवाद को खत्म होने नहीं देता। चीन का दोस्त पाकिस्तान भी कम नहीं है, वह तो भारतीय मुश्किलों को बढ़ाने का कोई अवसर नहीं खोना चाहता। इस बार चीन पाकिस्तान के साथ मिलकर भारत की चिंता बढ़ा रहा है।

इस बार भारत की चिंता बढ़ाने के लिए चीन ने पाकिस्तान को भी अपनी रणनीति का हिस्सा बनाया है। अपने सैन्य खेमे में पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों को शामिल किया है। पाकिस्‍तानी सेना के अधिकारी भारत से लगती सीमा के थिएटर कमांड के मुख्‍यालय में तैनात किये गये हैं। सूत्र बताते हैं कि यह बीजिंग और इस्लामाबाद के बीच हुए एक करार का हिस्सा है। इसी करार के बाद चीनी सेना ने यह हरकत की है। ऐसे में भारत के कान खड़े होने स्वाभाविक हैं।

एलएसी का समाधान ही नहीं चाहता चीन

चीन जो लगातार हरकतें करता रहता है वे यह साबित करती हैं कि वह एलएसी मुद्दे को छोड़ने वाला नहीं है। क्योंकि चीन पहले भी कह चुका है कि एलएसी मुद्दे के समाधान के लिए अगर उसे युद्ध भी करना पड़े तो वह पीछे हटने वाला नहीं है।

भारत भी हर स्थिति से निबटने को तैयार

एक ओर भले ही चीन की हरकतें जारी हैं, लेकिन भारत भी चीन की हरकतों पर नजर रखे हुए है। भारत हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार भी है। हाल ही में लद्दाख दौरे पर गये सेना प्रमुख एमएम नरवणे ने कहा था कि हम किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। फिर भी उन्होंने जरूर कहा कि बातचीत के जरिए मुद्दे को सुलझाने का प्रयास जारी रहेगा।

चीन बार-बार बढ़ाता रहा है भारत की चिंता

पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) भारत और चीन के बीच इस समय विवाद का मुद्दा बना  हुआ है। यहां पर शांति बनी रहे इसको लेकर 12 दौर की सैन्य वार्ता दोनों देशों के बीच हो चुकी है। लेकिन चीन की गतिविधियां भी जारी हैं। सम्भव है, अगले सप्ताह गतिरोध को समाप्त करने के लिए दोनों देशों के बीच 13वें दौर की वार्ता भी हो।

एक तरफ चीन भारत के साथ शांति वार्ता की बात भी कहता है तो वह एलएसी के पास अस्थायी टेंट का निर्माण भी करता है। कभी सैनिकों की तैनाती के साथ-साथ ड्रोन की निगरानी बढ़ा देता है तो कभी सीमा पर सड़कों का जाल बिछा देता है। सीमा से लगे इलाकों में टैंक और मिसाइलें तैनात करने की भी खबरें यदा-कदा आती रहती हैं। हाल ही में खबर सामने आयी थी कि चीन की पीएलए ने उत्तर में काराकोरम दर्रे के पास वहाब ज़िल्गा से लेकर पियू, हॉट स्प्रिंग्स, चांग ला, ताशीगोंग, मांज़ा और चुरुप तक अपने सैनिकों के लिए अस्थायी टेंट लगाए हैं। यानी चीन अपनी हरकतें जारी रखेगा। भारत को बस चौकन्ना रहना होगा।

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