समाचार प्लस
Breaking झारखण्ड फीचर्ड न्यूज़ स्लाइडर बिहार

झारखंड समेत दूसरे राज्यों के छठव्रती देव में नहीं मना पायेंगे छठ, औरंगाबाद डीएम का आदेश

DM Aurangabad

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

औरंगाबाद डीएम सौरव जोरवाल और देव की छठ पूजा समिति नहीं चाहते कि दूसरे राज्यों के लोग बिहार के औरंगाबाद के देव मंदिर आकर छठ करें। इससे विशेषकर झारखंड के लोगों में काफी निराशा है। वैसे तो झारखंड के हर हिस्से से छठ करने छठव्रती देव पहुंचते हैं। लेकिन पलामू से ज्यादा लोग छठ मनाने देव जाते हैं। लोग देव प्रशासन द्वारा लिये गये निर्णय को दुर्भाग्यपूर्ण बता रहे हैं। प्रमंडलीय आयुक्त जटाशंकर चौधरी ने भी डीएम के निर्णय को सही ठहराते हुए कहा कि औरंगाबाद जिला प्रशासन द्वारा लिया गया निर्णय कोविड-19 को लेकर और लोगों की सेहत को देखते हुए लिया गया है।

क्या है डीएम सौरव जोरवाल की आशंका

डीएम सौरभ जोरवाल की आशंका यही है कि हाल के दिनों में विश्व के कई देशों में कोविड का प्रकोप बढ़ा रहा है। इसके मद्देनजर भारत में भी कोरोना की तीसरी लहर की आशंका है। इसीलिए देव में छठव्रत को लेकर सावधानी बरती जा रही है। देव में प्रत्येक वर्ष छठ मेले में लगभग 15 से 20 लाख श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में कोरोना संक्रमण के एक बार फिर बढ़ने का खतरा बढ़ जायेगा।

निर्णय लेने में थोड़ा संयम बरतना चाहिए था डीएम को

कोरोना महामारी को लेकर सुरक्षा कारणों से छठ पर्व के लिए बरती जा रही पाबंदियां उचित हैं। लेकिन आसपास के जिलों समेत दूसरे राज्यों, खासकर झारखंड से आने वाले छठव्रतियों का देव आने की मनायी का निर्णय लेने में थोड़ी जल्दबाजी हो गयी है। देव में जब इस बार छठ मेले का आयोजन बंद है तब जाहिर है कि छठव्रतियों की संख्या अपने आप कम हो जायेगी। छठव्रतियों की संख्या कम करने का प्रयास भी किया जाता या उनकी संख्या निश्चित की जाती तब भी यह एक उचित निर्णय होता। बहुत ज्यादा सावधानी बरतने की आवश्यकता थी भी तब देव में छठ के लिए अस्थायी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की जा सकती थी, और गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन करने वालों को ही वहां छठ की अनुमति दी जा सकती थी।

औरंगाबाद डीएम का निर्णय ऐसे समय में आया है जब देश में कोरोना के केसेस घट रहे हैं। औरंगाबाद डीएम की आशंका यही है कि तीसरी लहर न आ जाये। जहां तक देश में कोरोना की तीसरी लहर की बात है तो, भले ही विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोरोना की नयी लहर की आशंका जाहिर की है, लेकिन दिल्ली एम्स के विशेषज्ञ संजय के राय ने WHO के दावे को नकारते हुए किसी भी नयी लहर के देश में आने को सिरे से नकार दिया है। एम्स के अनुसार जब किसी भी देश की बड़ी आबादी किसी भी वायरस से संक्रमित हो जाती है तो उसके बाद किसी बड़ी लहर की सम्भावना न के बराबर रहती है। रही बात बिहार और झारखंड में कोरोना की स्थिति की तो कोरोना के मामले में झारखंड शुरू से ही बिहार की तुलना में बेहतर स्थिति में रहा है। कोरोना संक्रमण फैलने और राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के मामले में भी झारखंड बेहतर रहा है। आंकड़े गवाह हैं, आज के दिन तक बिहार में 7,26,131 की तुलना में झारखंड में 3,48,882 संक्रमित पाये गये हैं। जबकि कोविड से मरने वालों में झारखंड के 5,138 की तुलना में बिहार में 9,661 मरीजों की मौत हुई है। बिहार में यह स्थिति तब है जब शुरू से यहां कोरोना जांच की स्थिति बेहद लचर रही है। झारखंड की हेमंत सरकार ने जब अपने राज्य की कोरोना की स्थिति का आकलन कर लिया तभी उसने राज्य से प्रतिबंध हटाते हुए त्योहारों को मनाने की छूट दी। पाबंदियां अब भी झारखंड में जारी हैं।

झारखंड के हर जिलाधिकारी को पत्र लिखकर बताया अपना आदेश

औरंगाबाद के डीएम सौरव जोरवाल ने झारखंड के हर जिले के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर बता दिया है कि कोरोना संक्रमण के कारण अपने राज्य से छठव्रतियों के आने पर पाबंदी है। कोरोना की तीसरी लहर की संभावना के मद्देनजर जिला प्रशासन ने इस बार मेले से जुडी किसी भी तरह के कार्यक्रम नहीं होने देने का फैसला लिया है। इसको लेकर अन्य राज्यों के साथ-साथ बिहार के दूसरे जिलों के डीएम को भी पत्र लिखा गया है।

छठव्रतियों के लिए भी जारी की गयी है गाइडलाइन

देव में वैसे तो स्थानीय लोगों को ही छठ मनाने की अनुमति दी गयी है, लेकिन उनके लिए भी कुछ गाइडलाइन जारी की गयी है। सभी छठव्रतियों को कोरोना वैक्सीन के दोनों डोज के सर्टिफिकेट के बिना एंट्री नहीं दी जाएगी। छठ व्रती के परिवार के 2 से 3 सदस्यों की ही अनुमति रहेगी। मंदिर एवं तालाब क्षेत्र में वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा। बिहार के दूसरे जिलों से आने वाले यात्रियों को राजपथ 2 पर देव जाने वाले प्रवेश द्वार की बैरिकेडिंग के माध्यम से रोक कर जानकारी लेने के बाद ही जाने दिया जायेगा।

छठ पूजा के दौरान केवल सूर्य मंदिर एवं सूर्य कुंड ही खुला रहेगा। छठ पूजा सादगीपूर्वक मनाने के उद्देश्य से किसी भी प्रकार की सजावट आदि की व्यवस्था नहीं की जाएगी। जगह-जगह पर श्रद्धालुओं को टेंट, बांस, बल्ला, तंबू आदि लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मंदिर, तालाब एवं प्रखंड कार्यालय के इर्द-गिर्द मकान मालिकों द्वारा बाहर से आए श्रद्धालुओं को बिना टीकाकरण सर्टिफिकेट देखे आवास मुहैया नहीं कराई जाएगी।

यह भी पढ़ें: Happy Birthday LK: आडवाणी ने काटा केक, वेंकैया, पीएम, शाह, नड्डा और राजनाथ ने मनाया जन्मदिन

Related posts

टीवी डिबेट में होता है सबसे ज्यादा प्रदूषण- सुप्रीम कोर्ट

Vaidya Ritika Gautam

तालिबान की मदद कर चीन अफगानिस्तान में अपने लिए ढूंढ रहा ‘मौका-मौका’

Pramod Kumar

Bettiah: एसएसबी जवान ने नाबालिग छात्रा से की छेड़खानी, ग्रामीणों ने मचाया बवाल

Pramod Kumar

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.