समाचार प्लस
Breaking Uncategories फीचर्ड न्यूज़ स्लाइडर संस्कृति

छठ गीत सिर्फ गीत नहीं, इनमे छुपे होते हैं कई सन्देश

chhath songs

News Desk/ SamacharPlus (Jharkhand-Bihar)

केलवा के पात पर उगेलन सूरजमल  झांकें- ऊके… पद्मभूषण शारदा सिन्हा (Sharda  Sinha)की इस छठ गीत को सुनते ही मन हर्षोल्लास से भर जाता है. कल से लोक आस्था का महापर्व छठ की शुरुआत हो रही है। पूरा भारत, खासतौर से उत्तरी भारत के लोग छठ की तैयारी को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। छठ को लेकर बांस का डाला, डगरा सूप, मिटटी के चूल्हे आदि से बाज़ार सज चुके हैं. दिवाली की सफाई होने के बावजूद भी जिन घरों में छठ पूजा होती है, लोग अपने घरों की सफाई दोबारा करते हैं. ऐसी मान्यता है कि इससे छठी मैया प्रसन्न होती हैं. पूरा वातावरण छठमय हो चुका है. चारो ओर से छठ गीतों की गूंज सुनाई दे रही है.

हम छठ गीत गाते हैं, बजाते हैं और सुनते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं की छठ गीत का क्या महत्व क्या है? छठ का पर्व पारंपरिक छठ लोक गीत के बिना अधूरा माना जाता है.

chhath songs
chhath songs

सूर्य देव की आराधना

छठ के पारम्परिक लोक गीतों द्वारा व्रती सूर्य देव की आराधना करती हैं. जिन महिलाओं को संतान नहीं होती है, वे बिंध्यवासिनी देवी द्वारा रचित छठ गीत द्वारा व्रती छठी मैया से संतान मांगने की प्रार्थना करती है. कुछ गीत जैसे, “बांझी डलियावा हो दीनानाथ पार्ले तमाये, सोने के के खरौआ हो दीननाथतिलक ललाट”, इन गीतों द्वारा व्रती भगवन सूर्य देव से वार्तालाप करती हैं कि निः संतान होने के कारण उन्हें परिवार द्वारा उपेक्षित माना जा रहा है, ऐसे में उनके आँचल में पुत्र रुपी रत्न देकर निःसंतान के कलंक को दूर करें.

chhath songs
chhath songs

छठ गीत में है नारी सशक्तिकरण की बात

छठ गीत में नारी सशक्तिकरण की भी बात की गई है. कुछ गीत जैसे, “रुणकी- झुनकी हम बेटी मंजिले, छथि मैया दर्शन देहु न अपार” इन गीतों से समाज में पुत्र से साथ पुत्री की महत्ता को दिखाया गया है. छठ गीत से यह सन्देश जाता है की यह महापर्व नारी शक्ति के बिना अधूरा है. गीत “पढ़ल पंडित दामाद” में व्रती विद्वान दामाद की कामना करती है.

chhath songs
chhath songs

स्वछता का सन्देश 

महापर्व को आस्था, अनुशासन और स्वछता का पर्व कहलाता है. अगर हम छठ के पारम्परिक लोक गीतों को देखें तो व्रती समाज के लोगों को साफ़- सफाई और स्वछता का सन्देश देती है. मशहूर गायिका अनुराधा पौडवाल ( Anuradha Paudwal) द्वारा गाया गया गीत, “कोपि – कोपि  बोलले सूरज देव”, या “रउवा घाटे ऐ सूरज” में व्रती घाट की सफाई के लिए लोगों से अपील करती हैं कि सफाई रखें , नहीं तो सूर्य देव गुस्सा करेंगे .

chhath songs
chhath songs

सुहाग और संतान की कामना

अगर आप छठ के लोक गीत को सुनेंगे तो आप सुनेंगे की कैसे छठ व्रती गीत के ज़रिये छठी मैया से अपने सुहाग और संतान की कामना करती हैं. “करिले छठ बरतिया से हुनखा लागि”, “हम तो पूछिले बरतिया,” जैसे गीत गाकर छठ व्रती सूर्य देव को प्रसन्न करती हैं.

देखा जाये तो सारे छठ गीत खुद में एक अलग सन्देश देते हैं, कभी व्रती अपने भाई से छठ व्रत न करने की गुहार लगाती है, तो कहीं देवर अपनी भाभी को छठ व्रत रखने बोलता है. सभी छठ गीत अपने घर -गांव से जुड़े रहने का सन्देश देते हैं.  बॉलीवुड सिंगर्स जैसे की अलका याग्निक (Alka Yagnik), पलक मुच्छल (Palak Muchhal), सोनू निगम (Sonu Nigam) जैसे बड़े सिंगर्स भी एल्बम के ज़रिये छठ का गीत गाकर समाज में कुछ न कुछ सन्देश दे रहे हैं.

पूरे साल लोग छठ पर्व का इंतज़ार करते हैं, शायद इसका एक कारण छठ गीत भी है. कार्तिक का महीना आते ही चारो ओर से छठ गीत की धुन सुनाई देती है. आज की नयी पीढ़ी भी छठी का गीत सुनना पसनद करते हैं, और आज के डिजिटल दुनिया में इन गीतों का अपने फ़ोन में स्टेटस भी लगाते हैं.

इसे भी पढ़ें: Jharkhand News : पढ़ाने के अलावा अब मास्टर साहब बेचेंगे मिड डे मील का बोरा! बोली भाजपा- निर्णय वापस ले सरकार

 

 

Related posts

जज उत्तम आनंद मौत मामला: जांच पर हाईकोर्ट ने जतायी नाराजगी, CBI के जोनल निदेशक को 23 सितंबर को कोर्ट में हाजिर होने का निर्देश

Manoj Singh

सर्वदलीय बैठक में एस जयशंकर विपक्ष से कहा- अफगानिस्तान के हालात ठीक नहीं

Pramod Kumar

Crime Control: बेगूसराय और लखीसराय पुलिस का हथियार तस्करों पर वार, हथियारों समेत अपराधी गिरफ्तार

Pramod Kumar

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.