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Chhath 2023: नहाय खाय के साथ शुरू हुआ छठ महापर्व, पटना के छठ घाटों में हजारों की संख्या में पहुंची छठव्रती

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Chhath 2023: चार दिनों तक चलने वाले सूर्य उपासना के साथ-साथ लोक आस्था का महापर्व छठ की शुरुआत 17 नवंबर यानी शुक्रवार से शुरू हो रही है। इस दिन छठ व्रती पूरे घर की साफ सफाई के साथ-साथ सुबह-सुबह स्नान ध्यान कर कर पूरे घर में बिना लहसुन प्याज के कद्दू चावल और चने दाल का सात्विक भोजन से दिन की शुरुआत करते हैं । यहां तक की खाने में जो नमक पड़ता है वह भी आम दिनों की तरह प्रयोग होने वाले नमक का उपयोग नहीं किया जाता बल्कि सेंधे नमक का उपयोग किया जाता है। इस दिन लौकी की सब्जी, अरवा चावल, चने की दाल, आंवला की चटनी, पापड़, तिलौरी, आदि बनते हैं, जिसे प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है।

patna chhath ghatनहाय-खाय के दिन बनाया गया खाना सबसे पहले व्रत रखने वाले छठ व्रती भोग लगाते हैं । इसके बाद ही परिवार के अन्य लोग भोजन ग्रहण करते हैं । इस प्रसाद के सेवन का भी खास महत्व है। वही छठ व्रती चंचला सिंह बताती हैं , कि यह पर हमारे सभी लोगों के लिए विशेष महत्व रखता है । चुकी चार दिनों तक चलने वाले इस लोक आस्था के इस महापर्व पर लोगों का अटूट विश्वास है । इस दिन खास तौर पर लोग चावल चने की दाल और कद्दू की सब्जी बनाते हैं क्योंकि यह सबसे ज्यादा शुद्ध माना जाता है । चुकी आज के बाद या निकल दूसरे दिन जिसे हम लोहंडा या करना कहते हैं की पूजा के बाद से 36 घंटे का निर्जला व्रत किया जाता है जो की सबसे कठिन तपस्या होती है । इसी के लिए लोग एक दिन पहले से अपने तन मन को शुद्ध और सात्विक करने के लिए कद्दू चने की दाल और चावल का प्रयोग करते हैं।

पटना से मणिभूषण की रिपोर्ट 

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