Chaitra Navratri 2025: चैत्र नवरात्रि के पहले दिन करें मां शैलपुत्री की पूजा, यहां जानें महत्व और विधि

Chaitra Navratri 2025

Chaitra Navratri 2025: आज चैत्र नवरात्रि का पहला दिन है. नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना (Kalash Sthapana) के साथ मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की उपासना की जाती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां शैलपुत्री का जन्म पर्वतराज हिमालय के घर हुआ था, इसलिए वो शैलपुत्री कहलाईं.

भक्त मां दुर्गा के नौ रूपों की 9 दिनों तक भक्ति भाव से पूजा करते हैं. माना जाता है जो भक्त मां कि भक्ति और श्रद्धा से आराधना करते हैं. मां दुर्गा 9 दिनों तक उनके घरों में विराजमान रहकर उनपर अपनी कृपा बरसाती हैं. माना जाता है कि देवी दुर्गा ने 9 अलग-अलग अवतार लेकर राक्षसों का अंत किया था.और भक्त उन्हें इन्हीं 9 रूपों को पूजते हैं. नवरात्रि के नौ दिनों को बेहद ही पावन माना जाता है.

घटस्थापना के लिए शुभ मुहूर्त (Ghatsthapana Muhurt)

चैत्र नवरात्र 2025 पर घटस्थापना के लिए 2 शुभ मुहूर्त बन रहे हैं. पहला शुभ मुहूर्त सुबह 06.13 बजे से सुबह 10:22 बजे तक है.  इसके बाद दोपहर 12:01 बजे से दोपहर 12.50 बजे तक अभिजीत मुहूर्त में घटस्थापना कर सकेंगे.

नवरात्र घटस्थापना सामग्री (Chaitra Navratri 2025 Ghatsthapana Samagri)

हल्दी, कुमकुम, जनेऊ,आम के पत्ते, पूजा के पान, हार-फूल, पंचामृत, कपूर, धूपबत्ती, निरांजन, गुड़ खोपरा, खारीक, बादाम, सुपारी, पांच प्रकार के फल, सिक्के, नारियल, चौकी पाट, कुश का आसन, नैवेद्य आदि.