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हद है टिकट का खेल, तेजस्वी यादव-मीसा भारती सहित 6 पर केस, टिकट खरीदना क्या अपराध नहीं?

तेजस्वी यादव-मीसा भारती सहित 6 पर केस, टिकट खरीदना क्या अपराध नहीं?

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

कांग्रेस नेता सह अधिवक्ता संजीव कुमार सिंह कह रहे हैं कि बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और तेजस्वी यादव और उनकी बड़ी बहन सह राज्यसभा सांसद मीसा भारती ने 5 करोड़ रुपये लेकर भी लोकसभा चुनाव का टिकट नहीं दिया। संजीव कुमार सिंह ने पटना के सीजेएम की अदालत में 18 अगस्त को एक परिवाद पत्र दायर किया था। जिस पर पटना के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने तेजस्वी यादव, मीसा भारती समेत छह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश पटना के कोतवाली थाने को दिया है। इस परिवाद पत्र में बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, राज्यसभा सदस्य मीसा भारती, बिहार कांग्रेस अध्यक्ष मदन मोहन झा, सदानंद सिंह, राजेश राठौर को भी आरोपित किया गया था। आरोप है कि लोकसभा चुनाव में राजद का टिकट देने के नाम पर पांच करोड़ रुपये लिये गये और इस चुनाव में टिकट नहीं देने पर विधानसभा चुनाव में उन्हें गोपालपुर और उनके भाई को रुपौली सीट से टिकट देने का आश्वासन दिया गया था।

सवाल: चुनाव टिकट बेचना और खरीदना क्या अपराध नहीं?

यह सही है कि कांग्रेस नेता संजीव कुमार सिंह द्वारा किया गया केस एक फर्जीवाड़ा केस है। लेकिन मामला चुनाव में टिकट के बदले पैसे लेने का है। ऐसे में सवाल उठता है कि चुनाव आचार संहिता के आधार पर क्या टिकट की खरीद-फरोख्त उचित है? और अगर अनुचित है तो क्या टिकट खरीदने और बेचने वालों पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए? जिन पर टिकट के बदले पैसे लेने के आरोप लगे हैं, उन्होंने ऐसा किया है या नहीं यह तो बाद में पता चलेगा, लेकिन कांग्रेस नेता संजीव कुमार सिंह तो स्पष्ट स्वीकार कर रहे हैं कि उन्होंने पैसे दिये। क्या उन पर भी आपराधिक कार्रवाई की कोई गुंजाइश है?

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