कैंसर ऐसी बीमारी है जिसका नाम सुनते ही पीड़ित व्यक्ति डर जाता है। जिस व्यक्ति को कैंसर होता है वह तो गंभीर यातना से गुजरता ही है उसके साथ ही उसका परिवार को भी बहुत कष्टमय स्थिति में गुजरना पड़ता है। जानलेवा होने के साथ कैंसर की बीमारी में मरीज को बहुत अधिक शारीरिक पीड़ा भी झेलनी पड़ती है। कैंसर की बीमारी इसी भयावहता के लिए जानी जाती है। इसी लिए इस बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए हर वर्ष 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है।
आंकड़े भयावहता की ओर करते हैं इशारा
इसमें कोई संदेह नहीं है कि पूरे विश्व में ही नहीं, भारत में भी कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की नैशनल कैंसर रजिस्ट्री के आंकड़े बताते हैं कि देश में 2023 में कैंसर के मामले 15 लाख तक पहुंच गये थे। ये वे आंकड़े हैं जो कहीं नहीं दर्ज हैं। इसके अलावा ऐसे हजारों केस भी होंगे जिनका आंकड़ा नहीं मिल पाता होगा। अनुमान यह भी है कि 2040 तक भारत में कैंसर के मामले 2020 की तुलना में 57.5% बढ़कर 20 लाख 80 हजार हो जाएंगे। (
आईसीएमआर के आंकड़ों को देखें तो 2021 में कैंसर के 14,26,447 मामले नैशनल कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम में दर्ज किये गये। 2022 में यह संख्या बढ़कर 14,61,427 हो गई और 2023 में 14,96,972 केस सामने आये। हर 9 में से से एक व्यक्ति को अपने जीवनकाल में कैंसर होने की संभावना है। पुरुषों में फेफड़े और महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के काफी मामले सामने आ रहे हैं। 14 वर्ष तक की आयु में लिम्फोइड ल्यूकेमिया का खतरा बढ़ा है। 2020 की तुलना में 2025 में कैंसर के मामलों में 10 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी का अनुमान है। आंकड़े बताते हैं कि भारत में कैंसर से साल 2020 में 7,70,230, 2021 में 7,89,202 और 2022 में 8,08,558 लोगों की मौत हुई है।
झारखंड में कैंसर रोगियों की क्या है स्थिति?
झारखंड में कैंसर के रोगियों का ताजा आंकड़ा बताना थोड़ा मुश्किल हैं, लेकिन एक अनुमान है कि झारखंड में भी स्थिति अच्छी नहीं है। एक अनुमान है कि झारखंड में एक लाख व्यक्तियों पर 70 कैंसर के मरीज हैं। फिर भी कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाने के मामले में राज्य में कई पहल की गयी है। झारखंड सरकार ने कैंसर रोगियों के इलाज के लिए कई पहल भी की हैं ।
झारखंड में कैंसर के रोगियों के लिए उपलब्ध सुविधाएं
कैंसर अस्पताल- झारखंड में कई कैंसर अस्पताल हैं जो रोगियों को उचित इलाज प्रदान करते हैं।
कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी- झारखंड के कई अस्पतालों में कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
वित्तीय सहायता- झारखंड सरकार ने कैंसर रोगियों के लिए वित्तीय सहायता योजनाएं शुरू की हैं।
झारखंड में कैंसर के प्रमुख अस्पताल
रांची कैंसर अस्पताल- यह झारखंड का एक प्रमुख कैंसर अस्पताल है, जहां कैंसर के विभिन्न प्रकारों का इलाज किया जाता है।
टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल- यह झारखंड में स्थित एक अन्य प्रमुख कैंसर अस्पताल है, जहां कैंसर के विभिन्न प्रकारों का इलाज किया जाता है।
रिम्स (राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज)- यह झारखंड का एक प्रमुख मेडिकल कॉलेज है, जहां कैंसर के विभिन्न प्रकारों का इलाज किया जाता है।
प्राइवेट क्लिनिक और अस्पताल: झारखंड में कई प्राइवेट क्लिनिक और अस्पताल भी हैं, जहां कैंसर का इलाज किया जाता है।
न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार
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