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Bokaro: इस मंदिर में महिलाओं को प्रवेश की इजाजत नहीं, सालों से चली आ रही है परंपरा

Bokaro: इस मंदिर में महिलाओं को प्रवेश की इजाजत नहीं

न्यूज़ डेस्क/ समाचार प्लस झारखंड -बिहार

देश के संविधान की तरह ही मंदिरों में सभी के लिए समान रूप से प्रवेश की इजाजत रहती है। क्योंकि भगवान के घर में सभी बराबर हैं ,लेकिन भारत में कई ऐसे मंदिर हैं, जहां प्रवेश को लेकर लिंग भेद किया जाता है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश से एक ओर महिलाओं को सदियों पुराने सबरीमाला मंदिर में प्रवेश का अधिकार मिल गया, लेकिन देश में अभी भी ऐसे तमाम मंदिर हैं जहां पर कुछ में महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी है.असम के बरपेटा में मौजूद मशहूर कामाख्या देवी मंदिर महिलाओं के प्रवेश को लेकर थोड़ा अलग नियम अपनाए हुए है. यहां पर केवल एक निर्धारित वक्त के लिए महिलाओं के अंदर जाने पर रोक लगी हुई है. वहीं छत्तीसगढ़ स्थित धमतरी से करीब पांच किलोमीटर दूरी पर है पुरूर गांव, जहां मौजूद आदि शक्ति माता मावली का मंदिर है,या यहां पर भी महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी लगी हुई है.

पुरुष तो पूजा-अर्चना कर सकते हैं, लेकिन महिलाओं की नो-एंट्री

ऐसा ही एक मंदिर झारखंड के बोकारो जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर कसमार प्रखंड में स्थित है,  जहां महिलाओं का प्रवेश वर्जित है. इस मंदिर में पहुंच कर पुरुष तो पूजा-अर्चना कर सकते हैं, लेकिन महिलाओं की नो-एंट्री है. इस मंदिर का नाम है मंगल चंडी मां का मंदिर. यहां महिलाएं मंदिर से करीब 20 फीट की दूरी पर रहकर ही पूजा कर सकती हैं. निशान के रूप में मंदिर के आसपास बांस का घेरा बांध दिया जाता है. ताकि महिलाओं को दूर से ही इसका अंदाजा लग जाए. ये माना जाता है कि जो भी सच्चे मन से मां की आराधना करता है, उसकी हर मुराद पूरी होती है.

सालों से परंपरा चली आ रही है

मंदिर के पुजारी और स्थानीय लोग बताते हैं कि ये परंपरा कई सालों से यूं ही चली आ रही है. हालांकि महिलाओं को भी इस पर कोई आपत्ति नहीं है. वो दूर से ही मां की आराधना कर संतुष्ट हैं. वैसे सनातन धर्म में नारी रूप को शक्ति का प्रतीक कहा जाता है, इसी रूप में मां की आराधना भी होती है. लेकिन कसमार प्रखंड के मंगल चंडी मां के मंदिर में महिलाओं को मंगल चंडी मंदिर में कसमार प्रखंड ही नहीं, बल्कि दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं. स्थानीय लोगों की मंगल चंडी मंदिर पर इतनी श्रद्धा है कि वो सालों से चली आ रही इस पंरपरा को तोड़ने के बारे में सोच भी नहीं सकते हैं.
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