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BJP ने भी कस ली 2024 के चुनावी समर के लिए कमर! 15 राज्यों के नये प्रभारी सब पर पड़ेंगे भारी!

BJP also tightens its waist for the election season of 2024! The new charge will be heavy on everyone!

लक्ष्मीकांत बाजपेयी के झारखंड, विनोद तावड़े को बिहार की जिम्मेदारी

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारियों ने अभी से जोर पकड़ लिया है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार देश की सभी विपक्षी पार्टियों को एकजुट करने में जुटे हैं। कांग्रेस के राजकुमार राहुल गांधी लक्जीरियस कंटेनर और महंगी टी शर्ट पहन कर ही सही, महंगाई के बहाने भाजपा को घेरने और कांग्रेस में नयी जान फूंकने के लिए भारत यात्रा पर निकल पड़े हैं। यानी कांग्रेस भी 2024 के लोकसभा की तैयारी में जुट गयी है। फिर भला भाजपा इसमें कहां पीछे रहने वाली है। तैयारियों तो उसकी पहले से ही चल रही है, लेकिन इन पार्टियों से एक कदम आगे बढ़ते हुए उसने देश के 15 राज्यों के भाजपा प्रभारियों और सह प्रभारियों के नामों की घोषणा कर अपनी तैयारियों का ऐलान कर दिया है।

झारखंड और बिहार की ताजा राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए दोनों राज्यों की विशेष घेराबंदी करने की अपनी मंशा जता दी है। भाजपा ने राज्यों के हिसाब से अपनी रणनीति तैयार की है। भाजपा ने झारखंड और बिहार के लिए रणनीतिकार देने में जहां उसकी सोच दिखती है, वहीं झारखंड और बिहार के रणनीतिककारों को भी दूसरे राज्यों की जिम्मेदारियां सौंप कर उन पर भरोसा जताया है।

झारखंड-बिहार पर विशेष नजर

झारखंड के लिए लक्ष्मीकांत बाजपेयी के रूप में बड़ा कार्ड खेला है। बता दें कि लक्ष्मीकांत बाजपेयी उत्तर प्रदेश के प्रभारी रह चुके हैं। इसलिए लक्ष्मीकांत के लिए झारखंड बड़ी चुनौती होगी। क्योंकि हाल के वर्षों में भाजपा झारखंड में एक भी उपचुनाव जीतने में असफल रही है। इस कारण भी झारखंड में भाजपा की छवि को थोड़ा धक्का पहुंचा है। ऊपर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राज्य के आदिवासियों को भाजपा को उनका विरोधी बताते हुए गोलबंद करने में जुटे हैं।

इसके साथ विनोद तावडे़ को भाजपा ने बिहार का प्रभारी नियुक्त किया है। जबकि सांसद हरीश द्विवेदी सह प्रभारी रहेंगे। बता दें, भूपेंद्र यादव के केंद्रीय मंत्री बनने के बाद से बिहार भाजपा प्रभारी का पद खाली था। बिहार में जदयू के भाजपा से नाता तोड़ने के बाद राजनीतिक समीकरण बिगड़े हुए हैं। इसी को देखते हुए भाजपा ने बिहार के लिए ओबीसी चेहरे पर दांव लगाकर बिहार की जिम्मेदारी विनोद तावड़े को दी है। बता दें, बिहार के नये भाजपा प्रभारी विनोद तावड़े सरकार और में दो दशकों से अधिक समय तक रहे हैं। वह महाराष्ट्र में शिक्षा मंत्री के साथ ही मुंबई भाजपा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उनके अनुभव को देखते हुए ही भाजपा ने उन्हें बिहार की इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। विनोद तावड़े को कुशल संगठक और कुशल प्रशासक भी माना जाता है।

झारखंड और बिहार के नेताओं को भी मौका

झारखंड और बिहार के लिए दिग्गज नेताओं को जिम्मेदारी देने के साथ भाजपा ने इन दोनों राज्यों के नेताओं के उनके अनुभव और कुशलता को देखते हुए उन्हें भी बड़ी जिम्मेदारियां दी हैं। बिहार के ओम माथुर को छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाकर उन पर भरोसा जताया है, वहीं पटना से भाजपा विधायक नितिन नवीन को वहां का सह प्रभारी बनाया गया है। बिहार के ही ऋतुराज सिन्हा को पूर्वोत्तर राज्यों का सह संयोजक बनाया गया है। इतना ही नहीं, भाजपा ने झारखंड से रांची की महापौर आशा लड़का को भी पश्चिम बंगाल का सह प्रभारी बनाकर उन पर भरोसा जताया है।

ये हैं 15 राज्यों के प्रभारी और सह प्रभारी
  • झारखंड- लक्ष्मीकांत बाजपेयी प्रभारी।
  • बिहार- विनोद तावडे़ प्रभारी होंगे और सांसद हरीश द्विवेदी सह प्रभारी।
  • छत्तीसगढ़-  ओम माथुर प्रभारी और नितिन नवीन सह प्रभारी।
  • दादर और नगर हवेली एवं दमन दीव – विनोद सोनकर प्रभारी।
  • हरियाणा- बिप्लव देव प्रभारी।
  • केरल- प्रकाश जावड़ेकर प्रभारी और डॉ राधामोहन अग्रवाल सह-प्रभारी।
  • लक्षद्वीप- डॉ. राधामोहन अग्रवाल प्रभारी।
  • मध्य प्रदेश-  पी मुरलीधर राव प्रभारी और पंकजा मुंडे एवं डॉ रमाशंकर कठेरिया सह-प्रभारी।
  • पंजाब-  विजय रुपाणी प्रभारी और नरिन्द्र सिंह रैना सह-प्रभारी।
  • चंडीगढ़- विजय रुपाणी प्रभारी।
  • तेलंगाना-  तरुण चुग प्रभारी और अरविंद मेनन सहप्रभारी।
  • राजस्थान- अरुण सिंह प्रभारी और विजया राहटकर सह-प्रभारी।
  • त्रिपुरा-  डॉ महेश शर्मा प्रभारी।
  • पश्चिम बंगाल- मंगल पांडे प्रभारी और अमित मालवीय व आशा लकड़ा सहप्रभारी।
  • पूर्वोत्तर राज्य- संबित पात्रा संयोजक और ऋतुराज सिन्हा सह-संयोजक।

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