समाचार प्लस
Breaking फीचर्ड न्यूज़ स्लाइडर बिहार

Bihar Politics: मिल रहे संकेत, बिहार में टूट जायेगा भाजपा-जदयू गठबंधन! नीतीश क्यों छोड़ना चाहते हैं एनडीए?

Bihar Politics

Bihar Politics: बिहार की राजनीति में सियासी भूचाल आया हुआ है। राजनीतिक संकेत मिल रहे हैं कि बिहार में भाजपा और जदयू का गठबंधन अब और नहीं चलेगा। नीतीश कुमार भाजपा से गठबंधन तोड़कर राजद, कांग्रेस और वाम दल के साथ सरकार बनायेंगे, ऐसे संकेत मिल रहे हैं। सरकार में रहते हुए भी जदयू और भाजपा में अनबन की खबरें तो कई बार आयीं। भाजपा नीत केन्द्र सरकार के कई फैसलों पर नीतीश कुमार ने असहमति जतायी। फिर भी दोनों दल साथ रहे। हाल में जब राष्ट्रपति चुनाव सम्पन्न हुए तब नीतीश कुमार ने एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू और उसके बाद उप राष्ट्रपति उम्मीदवार जगदीप धनखड को समर्थन दिया था तो लगा कि अब भी बिहार एनडीए में सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा है। लेकिन जदयू सांसद आरसीपी सिंह के इस्तीफा देने के बाद अचानक से बिहार का राजनीति ने करवट ले ली और सत्ता में बदलाव के संकेत मिलने लगे।

आज जो राजनीतिक कयास लग रहे हैं, उसके कारण भी हैं। दरअसल, रविवार रात बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू नेता नीतीश कुमार ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से फोन पर बात की है। इसी से यह कयास लगने लगे कि बिहार में कुछ नया होने वाला है। जहां तक राजनीतिक समीकरण की बात है तो बिहार में इस समय सबसे ज्यादा 79 सीटें राजद के पास हैं। जदयू विधायकों की संख्या 45 है और कांग्रेस के 19 विधायक हैं। दूसरी तरफ भाजपा के 77 विधायक हैं। नीतीश कुमार बिना राजद के सरकार बना नहीं सकते। लेकिन एक बड़ा सवाल यह है कि अगर राजद और जदयू साथ आते हैं तो मुख्यमंत्री किसका होगा। क्योंकि राजद के तेजस्वी यादव की महत्वाकांक्षा यहां हिलोरे मारेगी। आखिर वह भी मुख्यमंत्री बनने के बड़े दावेदार हैं। तब क्या नीतीश कुमार को यह मंजूर होगा। और अगर मंजूर नहीं होता तो क्या तेजस्वी यादव ‘मुख्यमंत्री नहीं बनना’ स्वीकार करेंगे। हो सकता है, कर भी सकते हैं, आखिर सत्ता प्राप्ति की बात है। महाराष्ट्र में भी कुछ दिनों तक कम सीटों वाली शिवसेना एनसीपी और कांग्रेस के गठजोड़ से सरकार चला ही रही थी। उसके बाद महाराष्ट्र में अभी भी कम सीटों वाली शिंदे गुट की शिवसेना ज्यादा सीटों वाली भाजपा के साथ सरकार में है।

अभी हवा में ही हैं सारी खबरें

रविवार को नीतीश कुमार की सोनिया गांधी से बातचीत हुई है। उसी बातचीत के बाद सम्भावनाएं हवा में तैर रही हैं। उसी बातचीत के बाद नीतीश कुमार ने मंगलवार को अपनी पार्टी के विधायकों की बैठक बुलाई है। उन्होंने जदयू सांसदों को भी पटना बुला लिया है। राजद भी अपने 79 विधायकों के साथ मंगलवार को बैठक करेगा। इन बैठकों के दूसरे भी राजनीतिक मायने हो सकते हैं। हो सकता है दोनों दल अपनी आगे की राजनीतिक रणनीति तैयार कर रहे हों। लेकिन किसी भी पार्टी के द्वारा अभी तक कोई स्पष्ट संकेत या आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया हैं। इसलिए फिलहाल मंगलवार तक का इंतजार करना होगा। आरसीपी सिंह प्रकरण के बाद बिहार में मचे सियासी घमसान के बीच जदयू के राष्ट्रीय सचिव राजीव रंजन प्रसाद के बयान ने अटकलों का बाजार गर्म करने का मौका दिया है। उन्होंने कहा कि हमने पूरी ईमानदारी से भाजपा के साथ गठबंधन किया। अब भाजपा की जिम्मेदारी है कि वह गठबंधन को संक्रमित न होने दे। जदयू दरअसल आरसीपी सिंह ने अवैध तरीके से संपत्ति बनाई, लेकिन भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी-बड़ी बातें करने वाली भाजपा चुप रही। कुल मिलाकर भाजपा और जदयू में इस वक्त जो भी खटास है वह पिछले दो दिनों के प्रकरण का ही नतीजा है। यह तब शुरू हुआ जब आरसीपी सिंह ने जदयू से इस्तीफा सौंपा। आरसीपी सिंह इस्तीफा देने के बाद जदयू को डूबता नाव बताया था। जिस पर जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी प्रतिक्रिया दी थी कि आरसीपी सिंह ने जो कहा, उस पर मुझे आश्चर्य है। यह नीतीश कुमार का कद घटाने को षड्यंत्र है। समय आने पर बताया जाएगा कि यह साजिश किसने की।

यह भी पढ़ें: आज सावन की आखिरी सोमवारी, क्या आप जानते हैं इस महीने को क्यों कहा जाता है श्रावण?

Bihar Politics Bihar Politics

Related posts

Tokyo Olympics : मेजबान जापान की जीत के साथ खेलों के महाकुंभ का आगाज

Sumeet Roy

Google ने लॉन्च किया सबसे जबरदस्त Smartphone, फीचर्स कर देंगे हैरान

Manoj Singh

Raghubar Das का सरकार पर बड़ा हमला, कहा-सरकार के संरक्षण में हो रहा अवैध खनन का कारोबार

Manoj Singh