समाचार प्लस
Breaking देश फीचर्ड न्यूज़ स्लाइडर

कल्याण सिंह के पार्थिव शरीर पर तिरंगे के ऊपर BJP का झंडा, कांग्रेस- TMC ने जताई आपत्ति, जानें क्या कहती है राष्ट्रीय ध्वज संहिता

कल्याण सिंह के पार्थिव शरीर पर तिरंगे के ऊपर BJP का झंडा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के श्रद्धांजलि समारोह की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। BJP की तरफ से ट्वीट की गई इस तस्वीर में तिरंगे में लिपटा पूर्व मुख्यमंत्री का शव है। इस तस्वीर के आधे हिस्से में शव पर बीजेपी का झंडा दिखाई दे रहा है। इस तस्वीर को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग रिएक्शन देखने को मिल रहे हैं। कई लोग राष्ट्रीय ध्वज के ऊपर पार्टी विशेष का झंडा रखे जाने पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं, कई लोग नैतिकता का हवाला देते हुए मरने वाले की इच्छा का सम्मान बता रहे हैं।

तिरंगे के अपमान के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए

कल्याण सिंह ने बीजेपी में फिर से लौटने के बाद यह बात कही थी कि संघ और भाजपा के संस्कार मेरे रक्त की बूंद-बूंद में समाए हुए हैं। मेरी इच्छा है कि जीवन भर भाजपा में रहूं और जीवन का जब अंत  हो तो मेरा शव भी भारतीय जनता पार्टी के झंडे में लिपटकर जाए। ऐसे में कल्याण सिंह के निधन के बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उनकी अंतिम इच्छा को पूरा किया। अब जब तिरंगे का अपमान की बात कही जा रही है तो कुछ लोग कह रहे हैं कि मरने वाले की अंतिम इच्छा पूरी की गई है। इसे तिरंगे के अपमान के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

क्या देश से ऊपर है पार्टी का झंडा- यूथ कांग्रेस

यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी ने सवाल उठाया कि क्या न्यू इंडिया में भारतीय ध्वज पर पार्टी का झंडा लगाना ठीक है? वहीं, यूथ कांग्रेस ने अपने ट्वीटर हैंडल से ट्वीट किया कि ‘तिरंगे का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान। सपा प्रवक्ता घनश्याम तिवारी ने ट्वीट में लिखा कि देश से ऊपर पार्टी। तिरंगे से ऊपर झंडा। हमेशा की तरह भाजपा: कोई पछतावा नहीं, कोई पश्चाताप नहीं, कोई दुख नहीं। टीएमसी नेता सुखेंदू शेखर रॉय ने ट्वीट कर कहा, ‘राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करना क्या मातृभूमि का सम्मान करने का नया तरीका है?

क्या कहती है राष्ट्रीय ध्वज संहिता

भारतीय झंडा संहिता 2002 की झंडा संहिता भाग III की धारा IV के अनुसार किसी दूसरे झंडे या पताका को राष्ट्रीय झंडे से ऊंचा या ऊपर नहीं लगाया जाएगा। किसी अन्य झंडे को राष्ट्रीय झंडे के बराबर भी नहीं रखा जाएगा, न ही कोई दूसरी वस्तु उस ध्वज दंड के ऊपर रखी जाएगी, जिस पर झंडा फहराया जाएगा। इन वस्तुओं में फूल अथवा मालाएं व प्रतीक भी शामिल है। इस आधार पर तिरंगे के ऊपर किसी भी ध्वज का रखा जाना संहिता के अनुसार ठीक नहीं है।

ये भी पढ़ें : नीति आयोग की चेतावनी: सितंबर में कोरोना से बिगड़ेंगे हालात, रोजाना आ सकते हैं 4 लाख केस

 

Related posts

झारखंड हाईकोर्ट ने DGP से पूछा, क्यों नहीं सिपाही संवर्ग के लोगों को ससमय MACP का लाभ मिल रहा

Manoj Singh

पूर्व सांसद और पत्रकार Chandan Mitra का निधन, पीएम नरेंद्र मोदी ने शोक जताया

Manoj Singh

रांची में फर्जी IAS अफसर बनकर रह रही थी कटनी की महिला, गिरफ्तार

Manoj Singh

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.