समाचार प्लस
Breaking पटना फीचर्ड न्यूज़ स्लाइडर बिहार

बिहार के बंटवारे का आधार बीजेपी ने रखा, अब विकास की जिम्मेदारी से भागना ठीक नहीं – प्रो. रणबीर नंदन

Bihar Special Statue Demand

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिलने का जदयू का दर्द एक बार फिर उभरा है। जदयू इसके लिए राज्य के भाजपा नेताओं और केन्द्र की मोदी सरकार के उपेक्षापूर्ण रवैये को मान रहा है। जनता दल यूनाइटेड के प्रवक्ता और पूर्व विधान पार्षद प्रो. रणबीर नंदन ने एक प्रेस बयान जारी किया है जिसमें उन्होंने विस्तार से कई बिन्दुओं  पर अपनी बात कही है कि आखिर बिहार के लिए विशेष राज्य का दर्जा क्यों जरूरी है।

बिहार भाजपा समर्थन के मूड में नहीं

जदयू प्रवक्ता प्रो. रणबीर नंदन ने विशेष राज्य के दर्जे की मांग को लेकर कहा कि आज भाजपा के कई नेता बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने के सीधे समर्थन में नहीं दिख रहे हैं, जो उनकी जनता के प्रति जिम्मेदारी से बचने का नजरिया दिखा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार का बंटवारा जब हुआ तो उसका आधार भाजपा की अगुवाई वाली सरकार में तैयार हुआ, लेकिन उसके बाद प्राकृतिक संसाधनों से महरूम बिहार के बचाव के लिए किसी सरकार ने कुछ नहीं किया।

अटल की बनायी योजनाएं आगे नहीं बढ़ीं

प्रो. नंदन ने कहा कि जदयू की एनडीए में मौजूदगी के कारण अटल जी की सरकार में बिहार को आगे बढ़ाने की योजनाएं तो जरूर बनीं, लेकिन उन्हें पूरा कराने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं हुए। इसके बाद यूपीए 10 साल सत्ता में रहा और बिहार को अपने हाल पर ही छोड़ दिया गया। 2014 में फिर भाजपा की अगुवाई में सरकार बनी। 2015 में प्रधानमंत्री अपने मुंह में सवा लाख करोड़ के पैकेज की घोषणा कर गये, लेकिन बिहार को मिला कुछ नहीं। बिहार ने जो भी हासिल किया वह सिर्फ माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कुशल प्रबंधन और दूरदर्शी सोच के कारण किया है।

बिहार के नेता अपनी जिम्मेदारी से बच रहे

प्रो. नंदन ने कहा कि लोकसभा और दूसरे मंचों पर बिहार के ही नेता जब बिहार के पिछड़ेपन में अपनी जिम्मेदारी से बचते दीखते हैं तो अफसोस होता है कि जिस भाजपा ने बिहार के बंटवारे को मंजूरी दी, उसी भाजपा के नेताओं को अब बिहार के जनता की चिंता नहीं रही। कहा जा रहा है कि बिहार सरकार योजनाएं बनाए, केन्द्र राशि का आवंटन करेगा। लेकिन बिहार की जनता जो कह रही है कि विशेष राज्य का दर्जा दीजिए, उसके मुताबिक सहूलियतें दे दीजिए, बिहार सबसे आगे होकर दिखाएगा।

राज्य बंटवारे के नुकसान की भरपाई ही कर दे केंद्र

प्रो. नंदन ने कहा कि अगर विशेष राज्य का फार्मूला बिहार भाजपा के नेताओं को समझ नहीं आ रहा है तो इतना ही करा दें कि झारखंड के बंटवारे से जो बिहार को नुकसान हुआ है, उसी की भरपाई केन्द्र सरकार कर दे। लेकिन बिहार के विकास का सपना अगर पूरा करना है तो दूरदर्शी बनना होगा। विशेष राज्य का दर्जा कोई जिद नहीं है, यह जरूरत है और अधिकार भी।

विशेष का दर्जा से राज्य कोष का भार होगा कम

प्रो. रणबीर नंदन ने कहा कि बिहार के औद्योगिक विकास के लिए केन्द्र सरकार को अब बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दे देना चाहिए। अभी केन्द्रांश से जो राशि आती है, वह सरकार की ओर से चल रही योजनाओं पर खर्च होती है। राज्य का अपने कोष पर भार अधिक है। अभी केन्द्र प्रायोजित योजनाओं में केन्द्र की ओर से 60 फीसदी और राज्य की ओर से 40 फीसदी का योगदान देना होता है। अगर विशेष राज्य का दर्जा मिला तो यह औसत 90 फीसदी और 10 फीसदी का होगा। राज्य के कोष पर भार कम होगा तो सरकार भी नई योजनाओं को शुरू कर लोगों को एक बेहतर भविष्य निर्माण की दिशा में लेकर जाएगी।

सभी दलों से सहयोग का आग्रह

प्रो. नंदन ने प्रदेश के तमाम राजनीतिक दलों से अनुरोध किया कि वे विकसित प्रदेश को बनाने के सीएम नीतीश कुमार के प्रयासों में सहयोग दें। राजनीति अपनी जगह है, लेकिन प्रदेश विकसित होगा, तभी लोगों का जीवन सुगम होगा। उन्होंने एनडीए में सहयोगी भाजपा के नेताओं और मंत्रियों से कहा कि नीति आयोग की रिपोर्ट पर मंथन करें। इसमें सरकार के सहयोगी बनें। प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने के लिए केन्द्रीय नेतृत्व पर दबाव बनाएं। आपसी बयानबाजी करने से कुछ भी हासिल नहीं होने वाला है।

यह भी पढ़ें: पीएम मोदी को भूटान ने बताया महान इनसान, दिया अपने देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान

Related posts

Rolls-Royce Spectre: आ रही है रोल्स-रॉयस की पहली इलेक्ट्रिक लग्जरी कार, कंपनी ने दिखाई पहली झलक,जानें खासियत

Manoj Singh

जातिगत जनगणना का फिलहाल प्रस्‍ताव नहीं, राज्‍यसभा में केन्द्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार ने दी जानकारी

Pramod Kumar

Lakhimpur-Khiri: अबकी बार ‘बटेर’ विपक्ष के ‘हाथ’, डैमेज कंट्रोल भी नहीं कर पा रहे योगी

Pramod Kumar