समाचार प्लस
Breaking देश बिहार

जाति आधारित जनगणना के लिए बिहार तैयार, लेकिन भाजपा को सता रहा ‘कुछ’ और भय

Bihar ready for caste based census, but BJP is haunted by 'some' more fear

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

भाजपा नीतीश कुमार की जाति आधारित जनगणना का समर्थन तो कर रही है, लेकिन साथ ही उसे एक अनजाना भय भी सता रहा है, मगर भाजपा का यह भय निर्मूल नहीं है। अगर वाकई में ऐसा होता है तो यह सिर्फ बिहार के लिए ही नहीं, पूरे देश के लिए खतरनाक है।

भाजपा का डर हैं- रोहिंग्या और बांग्लादेशी मुसलमान। जनगणना में अगर इनकी भी गितनी हो गयी यह देश का दुर्भाग्य होगा। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जैसवाल ने सर्वदलीय बैठक में सरकार को आगाह भी किया है। उन्होंने सरकार को आगाह करते हुए कहा कि इस गणना में इस बात का ख़याल रखा जाए कि सीमांचल के इलाक़े में बांग्लादेशी और रोहिंग्या की गणना ना हो, अगर ऐसा होता है तो इस आधार पर वे यहां की नगरिकता का दावा करने लगेंगे। इसके साथ ही भाजपा ने एक अंदेशा और भी जताया कि अगड़ी जाति के मुलमान पिछड़ी जाति में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं। इसका भी ख़याल रखना होगा। हालांकि जाति आधारित जनगणना की जिद ठाने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस विषय में क्या सोचते हैं, यह स्पष्ट नहीं है।

जातीय जनगणना के लिए हुई सर्वदलीय बैठक

बुधवार को जातिगत जनगणना को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक बुलाई गयी। बैठक के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कुमार ने ऐलान किया कि जातीय जनगणना को लेकर सभी दलों में सहमति बन गयी है। अब एक निर्धारित समय सीमा में जाति आधारित जनगणना की जाएगी। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जल्द ही कैबिनेट में इसकी रूपरेखा पर फैसला लिया जाएगा।

यह भी पढ़ें: Monkey Pox: 20 देशों में बढ़े खतरे से भारत पहले ही हुआ सतर्क, राज्यों को जारी की गाइडलाइंस

Related posts

Bihar: बख्तियारपुर में आंगनबाड़ी सेविका को सर में मारी गई गोली, देर रात अपराधियों ने घटना को दिया अंजाम

Sumeet Roy

Jamtara: चार साइबर अपराधियों को पुलिस ने दबोचा, भेजे गए जेल

Manoj Singh

UP Election: RPN Singh के पंजे में कमल, कांग्रेस से इस्तीफा देकर पडरौना के राजा ने थाम लिया भाजपा का दामन

Pramod Kumar