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Bihar Liquor Ban: हेलीकॉप्टर और ड्रोन की निगरानी से भी नहीं रुक रहा शराब तस्‍करी का खेल, अब अवसाद की गिरफ्त में आ रहे लोग

Bihar Liquor Ban

Bihar Liquor Ban: बिहार सरकार ने शराबबंदी (Liquor Ban) को पूरी तरह सफल बनाने के लिए अब आसमान में अपने दूत, हेलीकॉप्टर उतार दिए. ये 4 हेलीकॉप्टर हैं, जिसमें से तीन unmanned drone helicopter हैं और एक फोर सीटर हेलीकॉप्टर है, जो शराब के गुनहगारों की निगाहेबानी कर रहे . लेकिन तस्कर इन्हें भी धता बता शराब की तस्करी धड़ल्ले से कर रहे हैं

पुलिसिया कार्रवाई के बावजूद नहीं लग रहा अंकुश

बिहार के कई जिले में शराब बनाने वालों और तस्करी करने वालों पर पुलिसिया कार्रवाई धड़ाधड़ हो रही है। बावजूद तस्करों पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है। चोरी-छिपे पीने वाले भी हर दिन शराब की जुगाड़ कर ही लेते हैं। पड़ोसी राज्य से सटे जिले के सीमावर्ती इलाकों में सही से चेंकिग नहीं होने की वजह से तस्कर आसानी से शराब की आपूर्ति कर रहे हैं। शराबबंदी के बाद पुलिस ने कई तस्करों को पकड़ा भी है, इसके बाद भी यह कारोबार रुक नहीं रहा है। कई जिलों में शराब की खुलेआम होम डिलिवरी भी हो रही है।

बंगाल, हरियाणा, झारंखड से पहुंचती है शराब

अंग्रेजी शराब की जो बरादमगी हो रही है। वह पश्चिम बंगाल, हरियाणा, अरुणाचल प्रदेश और झारखंड निर्मित होते हैं। इन्हें रोकने के लिए कई जगहों पर चेक पोस्ट हैं, फिर भी शराब तस्कर शराब की तस्करी कर रहे हैं। इसमें कहीं न कहीं पुलिस की लापरवाही साफ दिखाई देती है।

तस्कर चोरी-छिपे सप्लाई कर रहे हैं

पुलिसिया सख्ती के बाद शराब तस्करी का ट्रेंड भी बदल गया है। तस्कर दूध व शीतल पेयपदार्थ के डिब्बों में शराब की बोतल रखकर डोर टू डोर सप्लाई कर रहे हैं। पूरा खेल कोडवर्ड में हो रहा है। इस कारोबार में सक्रिय तस्कर चोरी-छिपे सप्लाई कर रहे हैं। इस धंधे से जुड़े गिरोहों के तार झारंखड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, यूपी और हरियाणा से जुड़े हुए हैं। जिले में प्रतिदिन 10 से 12 लाख रुपये की शराब की तस्करी हो रही है। धंधे से कई रसूख वाले भी जुड़े हैं।

शराबबंदी से अवसाद पनप रहा है 

शराबबंदी कानून लागू होने के बाद सामाजिक क्षेत्र और आर्थिक क्षेत्र के अलावा स्वास्थ्य के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव बिहार में देखने को मिल रहा है। खासकर महिलाओं के जीवन में इसका विशेष तौर पर सकारात्मक असर देखने को मिला है। लेकिन शराबंदी से अवसाद  भी पनप रहे हैं , इससे इनकार नहीं किया जा सकता। शराब के आदि हो चुके लोग अब शराब न मिलने से अपनी मानसिक संतुलन भी खोते जा रहे हैं और शराब न मिल पाने की स्थिति में जहरीली शराब का सेवन कर लेने से भी नहीं हिचक रहे हैं। जहरीली शराब के सेवन से हो रहीं मौतें इसका जीता जगता उदहारण है. शराब की लत अब लोगों को अवसाद की ओर धकेल रही है। इसका ताजा उदाहरण रविवार को  मुख्यमंत्री के साथ हुए धक्कामुक्की की घटना है, जब नीतीश कुमार इलाक़े के स्वतंत्रता संग्राम सैनानियों को श्रद्धांजलि दे रहे थे, तभी एक युवक ने उनपर हमले की कोशिश की। हालांकि वह युवक मानसिक तौर पर विक्षिप्त बताया जा रहा है , यहां तक कि सीएम ने उसे माफ़ करते हुए उसपर कार्रवाई न करने के भी आदेश दिए हैं, लेकिन इस घटना से यह बात सामने आ रही है कि  कहीं न कहीं शराब की लत के शिकार लोग शराब न मिल पाने से अवसादग्रस्त भी होते जा रहे हैं। इस समस्या का समय रहते समाधान निकालना भी अब राज्य सरकार के लिए जरूरी हो गया है।

जनमत करने की पहल  कारगर साबित हो सकती है  

हाल के महीनों में जहरीली शराब से मौत की सूचनाओं के बाद विपक्ष से ज्यादा सत्ता पक्ष खासकर सहयोगी दलों ने सरकार की जिस तरीके से घेराबंदी की है उसको देखते हुए जनमत करने की पहल  कारगर साबित हो सकती है।

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