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Bihar: नीतीश को छवि की नहीं पद की चिंता, जदयू बैठक कर करेगा चिंतन ‘कैसे सुधरे बिगड़ी छवि’

Bihar: Nitish is concerned about the position not the image, JDU will contemplate 'how to improve the image'

Nitish Kumar Bihar: नीतीश कुमार ने भाजपा से नाता तोड़कर राजद और कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार क्या बनायी, पूरे देश में जदयू की किरकिरी हो गयी है। मुख्यमंत्री नीतीश भी कम बदनाम नहीं हुए हैं। उनकी लोकप्रियता का ग्राफ गिरा है। उनकी लोकप्रियता में गिरावट का प्रमाण रविवार को पटना में देखने को मिला जब उनके काफिले पर पथराव हो गया है। भले ही यह पथराव किसी और कारण से किया गया या फिर काफिले में उस वक्त नीतीश कुमार मौजूद नहीं थे, फिर भी यह घटना बिहार की बदल चुकी स्थिति तो बयां करती ही है।

वैसे तो, भाजपा नीतीश की टांग खींचने में लगी ही हुई है, लेकिन अब उनकी ही पार्टी इस प्रकरण के लिए नीतीश कुमार को ही जिम्मेवार मानने लगी है। पार्टी के अन्दर भी कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। इसी पर चर्चा के लिए जदयू ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक 4 सितम्बर को बुलाई है। इस बैठक में किन-किन मुद्दों पर चर्चा की जायेगी, इसका खुलासा भले नहीं किया गया हो, लेकिन नीतीश कुमार के ‘किये-कराये’ पर चर्चा तो होनी तय है। नीतीश ने जदयू के दामन पर दाग दागदार विधायकों को मंत्री बनाकर भी लगाया है। अपहरण के आरोपी कार्तिकेय को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाना तो उनके गले की हड्डी बन गया है। दागदार मंत्रियों के कारण सुशासन बाबू को भाजपा ने अपने निशाने पर तो ले ही लिया है, इन सब मुद्दों को लेकर ही जदयू भी कम परेशान नहीं है। जदयू का ताबड़तोड़ बैठकों का दौर शुरू होने जा रहा है। पहले 3 सितबंर को राष्ट्रीय परिषद की बैठक होगी, उसके बाद 4 सितंबर को जदयू ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक है जिसके देशभर के जदयू नेता एकत्र होंगे और 4 सितम्बर को ही जदयू की राज्य कार्यकारिणी की बैठक भी होनी है। बैठक में जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव लल्लन सिंह भी शामिल होंगे।

कुल मिलाकर जदयू की सबसे बड़ी चिंता नीतीश के कारण धूमित हो रही पार्टी की छवि है। नीतीश कुमार ने मंत्रिमंडल के गठन में जो कलाकारी की है, उसी ने ‘सुशासन बाबू’ के चेहरे को मलीन करने के साथ जदयू की छवि बिगाड़ी है। जिस पर अपहरण का आरोप वह कानून मंत्री, जिस पर चावल घोटाले का आरोप है वह कृषि मंत्री  और जिस पर कारतूस बरामद का वह शिक्षा का पुजारी यानी शिक्षा मंत्री बनाकर बैठा दिया गया है। क्या ऐसे मंत्रियों के भरोसे नीतीश कुमार बिहार में सुशासन स्थापित करेंगे।

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