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शिक्षा-क्षेत्र के  लिए Bihar के Education Minister ने किया e-Sambandhan Portal का लोकार्पण, आयेगी पारदर्शिता, भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म

e-sambandhan portal

बिहार सरकार का ई-संबधन पोर्टल राज्य के शिक्षा क्षेत्र में बड़ा मील का पत्थर साबित होने वाला है। इस पोर्टल के जरिये झारखंड सरकार ने मुख्य और अनिवार्य शिक्षा के लिए कुछ अधिनियम लाये हैं जो शिक्षा में सुधार के साथ-साथ पारदर्शिता भी लायेंगे। बिहार के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने ई-संबंधन पोर्टल का लोकार्पण किया है। इस पोर्टल के जरिये कक्षा एक से आठ तक के स्कूलों की सम्बद्धता और सीबीएसइ/आइसीएसइ बोर्ड के लिए कक्षा नौ से 12 तक के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र ऑनलाइन जारी किये जा सकेंगे।

एनओसी लेने में होगी सुविधा

छात्रों को प्राइवेट स्कूल से एनओसी लेने के लिए बहुत पापड़ बेलने परते थे। साथ ही अधिकारियों की जी हुजूरी करनी पड़ती थी। कभी-कभी तो एक एनओसी लेने में महीनो या साल भी लग जाते थे। एनओसी लेने में में होने वाली इन असुविधाओं से निजात दिलाने में यह पोर्टल मदद करेगा। पोर्टल लॉन्च हो जाने के बाद कार्यों में पारदर्शिता आयेगी और भ्रष्टाचार की कोई गुंजाश भी खत्म होगी।

स्कूल संचालकों को होगी सुविधा

पोर्टल लॉन्च करने के बाद शिक्षा मंत्री ने बताया कि ई-पोर्टल के लोकार्पण के बाद स्कूल के संचालकों को सुविधा मिलने वाली है। सरकार द्वारा जो सुविधाएं स्कूलों को प्रदान की जाती हैं, उन सुविधाओं को दिलाने में अब विलम्ब नहीं होगा। निजी विद्यालयों के भी कार्यों में असुविधा नहीं होगी। सभी स्कूल संचालकों को ससमय सुविधा प्राप्त हो सकेंगी। शिक्षा मंत्री ने साथ यह भी कहा कि जो स्कूल संचालकों ससमय सुविधाओं का लाभ उठाना चाहते है तो उन्हें भी जरूरी  और निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा।

स्कूल के कार्यों में आ सकेगी पारदर्शिता

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार ने इस अवसर पर कहा कि ई-पोर्टल के जरिए स्कूलों से सम्बंधित कई तरह की जानकारियां भी मिल सकेंगी। यह भी पता चल पायेगा की किस स्कूल में कितने बच्चे  हैं, कितने शिक्षक और उन्हें कौन-कान सी सुविधाएं मिल रही हैं। साथ ही इस पोर्टल के जरिए शत-प्रतिशत स्कूल की सम्बद्धता सुनिश्चित हो पायेगी।

सभी प्रक्रियाएं होंगी ऑनलाइन

पोर्टल प्रक्रिया के सम्बन्ध में प्राथमिक निदेशक रंजीत कुमार सिंह ने बताया कि अब शिक्षा से सम्बंधित सभी कार्य की सुचनाएं ऑनलाइन होंगी। आवेदन से लेकर सम्बन्धन जारी करने तक की सारी प्रक्रिया ऑनलाइन की जायेगी। स्कूलों का पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर जियो टैग आधारित होगा। इसमें कोई भ्रष्टाचार नहीं होगा और ना ही कोई अधिकारी किसी को गुमराह कर पाएगा।

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