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Bihar: अवध बिहारी चौधरी को विधानसभाध्यक्ष बनाने का जवाब भाजपा ने दिया मास्टरस्ट्रोक चल कर

Bihar: BJP's answer to making Awadh Bihari Chaudhary the Speaker of the Assembly

Awadh Bihari Chaudhary: बिहार विधानसभा के विशेष सत्र के दूसरे दिन नये विधानसभाध्यक्ष ने अपना आसन ग्रहण कर लिया। एनडीए के विजय कुमार सिन्हा के इस्तीफे के बाद राजद से अवध बिहारी चौधरी नये विधानसभाध्यक्ष बने हैं। शुक्रवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद सबसे पहले विधानसभा सचिव ने सदन में स्पीकर के चुनाव की प्रक्रिया पूरी की। बता दें, राजद के वरिष्ठ नेता अवध बिहारी चौधरी विधानसभा के निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए हैं। गुरुवार को अवध बिहारी चौधरी का एक मात्र नामांकन होने के कारण उनका निर्विरोध चुनाव हुआ था। इसके अलावा भाजपा के विजय कुमार सिन्हा को नेता प्रतिपक्ष बनाया गया।

बता दें, अवध बिहार चौधरी वर्तमान में सिवान से विधायक हैं। चार दशक का सियासी अनुभव रखने वाले अवध बिहारी जमीन से जुड़े हुए नेता हैं। राजनीति में काफी उतार-चढ़ाव देखने वाले अवध बिहारी यादव समुदाय से आते हैं और लालू परिवार के काफी करीबी हैं।

यादव समुदाय से आने वाले अवध बिहारी चौधरी को बिहार विधानसभाध्यक्ष बनाकर अगर राजद ने बड़ी चाल चली है तो भाजपा ने विपक्ष में रहते हुए भी मास्ट्रर कार्ड खेला है। भाजपा ने एक ओर विजय कुमार सिन्हा को बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाया है, वहीं स्रमाट चौधरी को विधान परिषद में मुख्य विपक्षी नेता बना दिया है। भाजपा का ऐसा करना एक तीर से दो निशाने लगाने जैसा है। ऐसा इसलिए कि ये दोनों नेता जब एनडीए सरकार में थे तब भी नीतीश कुमार की आंखों में खटकते थे। मतलब अब भाजपा दोनों नेताओं के जरिये नीतीश कुमार के खिलाफ अक्रामक तेवर अपनाने का इरादा स्पष्ट कर दिया है। भाजपा का एक और मकसद जातीय समीकरण साधना है, इसमें भी ये दोनों नेता पूरी तरह फिट बैठते हैं। विजय कुमार सिन्हा जहां भूमिहार समुदाय से आते हैं, वहीं सम्राट चौधरी ओबीसी समुदाय के कोइरी समुदाय से आते हैं। सूबे में कोइरी समाज नीतीश का कोर वोटबैंक माना जाता है। तेजस्वी भी कोइरी वोटों को साधने के लिए कवायद करने में जुटे रहते हैं। ऐसे में भाजपा सम्राट चौधरी के बहाने कोइरी जाति को साधने की कोशिश की है। बिहार में करीब 5 प्रतिशत कोइरी समुदाय की आबादी है। ऐसे में चौधरी के नाम को आगे करके भाजपा ने बड़ा खेल खेला है। कुल मिलाकर इन दोनों नेताओं से तेजस्वी यादव से ज्यादा नीतीश कुमार परेशान रहने वाले हैं।

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Awadh Bihari Chaudhary

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