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संजू की मॉब लिंचिंग साजिश के तहत की गयी और पुलिस मूकदर्शक बनी रही – Babulal Marandi

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मरांडी सहित भाजपा के प्रदेश प्रतिनिधि मंडल ने स्व संजू प्रधान के परिजनों से की मुलाकात, घटना के संबंध में ली विस्तृत जानकारी

सिमडेगा जिलान्तर्गत कोलेबिरा थाना के बेसराजरा गांव में हुई मॉब लिंचिंग की घटना जिसमे संजू प्रधान नामक नवयुवक की भीड़ द्वारा जलाकर मार दिया गया को प्रदेश भाजपा ने गंभीरता से लिया है।

आज प्रदेश भाजपा का उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल कोलेबिरा प्रखंड के बेसराजरा गांव पहुंचा ।जिसमे नेता विधायकदल एवम पूर्व मुख्यमंत्री श्री बाबूलाल मरांडी, भाजपा की राष्ट्रीय मंत्री एवम रांची की मेयर श्रीमती आशा लकड़ा,भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सांसद समीर उरांव, प्रदेश उपाध्यक्ष एवम पूर्व विधायक श्रीमती गंगोत्री कुजूर शामिल थे।

घटना स्थल पर नेताओं ने स्व संजू प्रधान की विधवा जिसकी पिछले वर्ष मार्च में ही शादी हुई थी से मुलाकात कर घटना के संबंध में पूरे विस्तार से जानकारी प्राप्त की। मौके पर संजू के अन्य कई परिजन और ग्रामीण उपस्थित थे।

मीडिया से बात करते हुए नेता विधायकदल एवम पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यह घटना कोई साधारण घटना नही बल्कि एक बड़ी साजिश है। जिसे मीडिया में तोड़ मरोड़कर लकड़ी काटने और बेचने का विवाद बताकर रफा दफा करने की कोशिश की जा रही है।

मरांडी ने कहा कि जिस लकड़ी काटने और बेचने का विवाद बताकर पुलिस कार्रवाई कर रही है उसका इस भयावह घटना से कुछ भी लेना देना नही है। पुलिस केवल भटका रही है। और उल्टे निर्दोषों पर कार्रवाई करके मामला को शांत करना चाहती है।

उन्होंने कहा कि लकड़ी खरीदने,काटने और बेचने की बात 2021 अक्टूबर में ही समाप्त हो गई थी। उसे लेकर कोई विवाद नही था।

कहा कि सच्चाई यह है कि स्व संजू प्रधान कुछ लोगो के द्वारा किये जा रहे असंवैधानिक और विधि द्वारा प्रतिबंधित कार्यों का विरोध किया जा रहा था। जिसके कारण ऐसे लोग उसे रास्ते से हटाना चाहते थे। इसलिये मीटिंग बुलाकर इस प्रकार के कार्रवाईकी साजिश रची गई।
कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि ये सारी बातों से स्थानीय पुलिस की जानकारी में है। घटना के समय भी पुलिस मौजूद थी परंतु लोग वीडियो बनाते रहे और जलाकर मारने का कांड होता रहा।
उन्होंने कहा कि संजू की पत्नी पुलिस का पैर पकड़कर हवाई फायरिंग तक करने की गुहार लगती रही परंतु पुलिस मूकदर्शक बनी रही।
कहा कि इससे स्पष्ठ होगया है कि घटना की साजिश में पुलिस संलिप्त है।
मरांडी ने घटना की उच्चस्तरीय जांच एवम जिला के निकम्मे एसपी और कोलेबिरा थाना प्रभारी को बर्खास्त करने की मांग की।

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