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बिहार दौरे पर आ रहे अमित शाह, दौरा सीमांचल का, नजरें 2024 लोकसभा चुनाव पर

Amit Shah visiting Bihar, visiting Seemanchal, eyes 2024 Lok Sabha elections

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

आगामी शुक्रवार को भाजपा के चाणक्य अमित शाह बिहार के सीमांचल क्षेत्रों का दौरान करने आ रहे। माना जा रहा कि यह भाजपा का बिहार में 2024 के चुनावी अभियान का आगाज है। भाजपा-जदयू गठबंधन टूटने के बाद बिहार में ‘जंगल राज’ के आरोपों का हिसाब तो वह लेंगे ही, भ्रष्टाचार पर महागंबंधन सरकार को घेरेंगे ही, साथ ही राज्य में नये राजनीतिक समीकरण तलाशेंगे ताकि 2024 के लोकसभा चुनाव में महागबंधन को टक्कर दे सकें और भाजपा के पक्ष में हवा बना सकें। अमित शाह चूंकि गृहमंत्री हैं, इसलिए वह बिहार के पदाधिकारियों से भी बिहार की जमीनी और अंदरूनी हकीकत जानने का प्रयास करेंगे। चुनाव की प्रभावी रणनीति तैयार करने में अमित शाह कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहेंगे। 2024 के लोकसभा तो आगे है ही, एक साल बाद बिहार में विधानसभा चुनाव भी होना है। अमित शाह का एक उद्देश्य और भी है, वह नीतीश कुमार के विपक्ष को एकजुट करने के प्रयासों की हवा भी निकालना चाहेंगे।

भाजपा की रणनीति तय है

भाजपा बिहार में 2024 के लोकसभा चुनाव ही नहीं, 2025 के विधानसभा चुनाव की रणनीति को लेकर आगे बढ़ रही है। भाजपा की बिहार की रणनीति तय मानी जा रही है। भ्रष्टाचार के मुद्दे को भाजपा आगे रखेगी ही, लेकिन बिहार का मतलब जातीय समीकरण है। इसको भेदे बिना जीत की सम्भावना संदिग्ध हो जायेगी। भ्रष्टाचार के खिलाफ भाजपा अभियान तो छेड़ ही चुकी है। याद होगा जिस दिन महागठबंधन सरकार अपना बहुमत सिद्ध कर रही थी, उसी दिन राजद के कई नेताओं-मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के मामलों में जांच एजेंसियों ने ताबड़तोड़ छापेमारियां की थीं। उसी दिन उपमुख्यमंत्री और राजद अध्यक्ष तेजस्वी यादव के तथाकथित गुरुग्राम के एक अपार्टमेंट पर भी छापेमारी हुई थी। फिर आईआरसीटीसी टेंडर घोटाले में तेजस्वी यादव की जमानत रद्द करने की मांग को लेकर सीबीआई कोर्ट पहुंची है, उससे साफ है कि प्रदेश की राजनीति में भ्रष्टाचार एक बड़ा मुद्दा बनने जा रहा है। इस मुद्दे पर तेजस्वी यादव ही नहीं, नीतीश कुमार भी भाजपा के निशाने पर रहेंगे। वैसे भी दागियों को अपने मंत्रिमंडल में शामिल कर वह भाजपा के निशाने पर हैं ही। इसलिए शाह राज्य के भाजपा नेताओं को इन मुद्दों पर जनता के बीच जाने का निर्देश दे सकते हैं।

जातीय समीकरण सबसे अहम

बिहार में बाकी मुद्दों को दरकिनार किया जा सकता है, क्योंकि यहां जीत की कुंजी जातीय समीकरण ही साबित होती है। नये गठबंधन में नीतीश ने संकेत दिया है कि 2024 का चुनाव उच्च वर्ग बनाम पिछड़ा वर्ग होगा। जातीय समीकरण में महागठबंधन भाजपा पर भारी नजर आ रहा है। भाजपा ने तो अभी चाल चलनी शुरू भी नहीं की है, नीतीश हर छोटी चीज पर नजर रखे हुए हैं। कुछ दिनों पहले बेगूसराय में मोटरसाइकिल फायरिंग की घटना को भाजपा ‘जंगल राज’ कह कर सरकार को घेर ही रही है कि नीतीश कुमार ने इसे जाति का रंग भी दे दिया है। नीतीश कुमार जातीय समीकारण को लेकर कितने सचेत हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जाति आधारित जनगणना मुद्दे की शुरुआत भी कर चुके हैं, जिसमें उन्हें तेजस्वी यादव का भी पूरा साथ मिल रहा है। फिर भाजपा के साथ रहते हुए पिछले आठ वर्षों के दौरान पिछड़े और दलितों के लिए किये गये कल्याण कार्य को भी जदयू ही भुनाने का प्रयास करेगा। इसमें भाजपा को वह समर्थन नहीं मिल पायेगा जितना की जदयू को। पिछले आठ वर्षों में मोदी सरकार के काम के आधार पर पूरे देश में बड़ी संख्या में पिछड़ी और दलित आबादी बीजेपी से जुड़ी हैं और बिहार नहीं। इसलिए भाजपा के चाणक्य अमित शाह के समक्ष बिहार में जातीय समीकरण को भाजपा के पक्ष में करनी की बड़ी चुनौती होगी।

भाजपा कार्यकर्ताओं में भरेंगे जोश

गृहमंत्री अमित शाह के लिए बिहार में 2024 की लड़ाई कठिन जरूर है, लेकिन लड़ी जा सकती है। इसके लिए शाह को भाजपा के कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम करना होगा। क्योंकि भाजपा-जदयू टूटने के बाद बिहार के भाजपा कार्यकर्ताओं में निश्चित रूप से एक हताशा घर कर गयी है। अगर शाह उन्हें इससे बाहर निकाल पाते हैं तो निस्संदेह आने वाले लोकसभा ही नहीं विधानसभा चुनावों में इसका असर दिखेगा। अमित शाह ने अपने पिछले बिहार दौरे पर बीजेपी के पदाधिकारियों को अलग-अलग इलाकों में जाकर रिपोर्ट देने को कहा था। इस रिपोर्ट से भी यह तय हो पायेगा कि जनता और भाजपा में अभी कितना सामंजस्य बरकरार है। भाजपा चूंकि कैडर पार्टी है इसलिए शाह पार्टी पदाधिकारियों को कार्यकर्ताओं और जनता से सीधे संवाद शुरू करने और बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने का निर्देश दे सकते हैं। कुल मिलाकर अमित शाह के सामने बिहार का किला जीतना बड़ी चुनौती है। अब यह उन पर है कि वह कैसे भाजपा की नैया पार लगाते हैं।

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