समाचार प्लस
Breaking अंतरराष्ट्रीय फीचर्ड न्यूज़ स्लाइडर

America vs China: Taiwan को लेकर चीन-अमेरिका में तनातनी, …तो क्या अब चीन अमेरिका में होगा युद्ध?

image source : social media

चीन की चेतावनी के बाद भी अमेरिकी संसद की स्पीकर नैंसी पेलोसी (Nancy Pelosi) मंगलवार को ताइवान (Taiwan) के दौरे पर पहुंचीं। इस दौरान चीन(CHINA) की ओर से लगातार धमकी दी जा रही थी कि अगर नैंसी ने दौरा किया तो फिर इसके दुष्परिणाम भुगतने होंगे। वहीं, अमेरिका, चीन और ताइवान तीनों ही देशों की सेनाएं अलर्ट पर कर दी गई थीं। हालांकि  ताइवान एक छोटा सा देश है, लेकिन दुनिया के दो सबसे शक्तिशाली देश चीन और अमेरिका एक दूसरे के खिलाफ युद्ध तक की धमकी दे रहे हैं और आमने-सामने हैं।आखिर ताइवान को लेकर इन दो देशों के बीच उपजे विवाद का कारण क्या है ? आइए जानते हैं।

image source : social media
image source : social media

कभी चीन का ही हिस्सा था 

ताइवान दक्षिण पूर्वी चीन के तट से करीब 100 मील दूर स्थिति एक द्वीप है। ताइवान खुद को संप्रभु राष्ट्र मानता है। उसका अपना संविधान है। ताइवान में लोगों द्वारा चुनी हुई सरकार है। वहीं चीन की कम्युनिस्ट सरकार ताइवान को अपने देश का हिस्सा बताती है। चीन इस द्वीप को फिर से अपने नियंत्रण में लेना चाहता है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ताइवान और चीन के पुन: एकीकरण की जोरदार वकालत करते हैं। ऐतिहासिक रूप से से देखें तो ताइवान कभी चीन का ही हिस्सा था।

ताइवान को अपना हिस्सा बताता रहा है चीन 

लेकिन ताइवान के अलग होने से समस्या दूर नहीं हुई। चीन लगातार ताइवान को अपना हिस्सा बताता है और एकीकरण की बात भी करता रहा है। यही नहीं तइवान के क्षेत्र में चीन लगातार घुसपैठ और सैन्य कार्रवाई भी करता है। इसके उलट ताइवान खुद को संप्रभु देश मानता है और चीन की दखल का विरोध करता है। हालांकि, दुनिया के करीब 13 देश ही ताइवान को एक संप्रभु देश के रूप में मान्यता देते हैं।

चीन के लिए इसलिए महत्व रहता है ताइवान

चीन की महत्वाकांक्षा ताइवान पर कब्जा कर लेनी की है, उसे लगता है कि ताइवान को पुनः हासिल करने से वो पश्चिमी प्रशांत महासागर में अपना प्रभुत्व कायम कर लेगा. इन महासागरों पर चीन लंबे समय से अपना वर्चस्व बनाने को लेकर काफी प्रयासरत है,  लेकिन दूसरी ओर अमेरिका भी इन क्षेत्रों पर अपनी उपस्थिति बढ़ाता ही जा रहा है। अगर चीन का ताइवान पर कब्जा हुआ तो उसके बाद गुआम और हवाई द्वीपों पर मौजूद अमेरिकी सै​न्य ठिकाने को भी ख़तरा हो सकता है। इसलिए चीन और अमेरिका में भी तनातनी बरकरार है।

व्यापारिक दृष्टिकोण से भी है महत्वपूर्ण 

भले ही ताइवान एक छोटा सा द्वीप हो, लेकिन व्यापार में उसकी तूती बोलती है। ताइवान की अर्थव्यवस्था दुनिया के लिए काफी महत्वपूर्ण है। ताइवान को इलेक्ट्रॉनिक गैजेट बनाने में महारत हासिल है।इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के लिए चिप यहीं बनाए जाते हैं। इस कारण चीन की ललचाई नजर ताइवान पर पड़ी हुई है।

ताइवान के चारों ओर 6 जगहों पर युद्धाभ्‍यास कर रही है चीनी सेना 

चीन की सरकारी मीडिया ने  दावा किया है कि चीन की सेना ताइवान के चारों ओर 6 जगहों पर युद्धाभ्‍यास कर रही है और इसमें से एक तो ताइवान की मुख्‍यभूमि से मात्र 9 समुद्री मील की दूरी पर है। चीन ने ऐलान किया है कि इस पूरे इलाके में वह अगले कुछ दिनों तक अभ्‍यास करेगा। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने चीन की इस घेरेबंदी की पुष्टि की है।

image source : social media

चीन ने तीसरे विश्व युद्ध की धमकी पहले ही दे डाली है

ताइवान के साथ चल रही खींचतान के बीच चीन ने तीसरे विश्व युद्ध की धमकी पहले ही दे डाली है। चीन ताइवान को धमकाते हुए यह कह चुका है कि तीसरा विश्व युद्ध किसी भी समय छिड़ सकता है। चीन हमेशा से यह धमकी देता रहा है कि के लोग अमेरिका और ताइवान पर चौतरफा हमला करने के लिए तैयार हैं।

ये भी पढ़ें : Commonwealth Games 2022: कॉमनवेल्थ में भारत ने अब तक 13 मेडल जीते, जानिए छठे दिन का शेड्यूल

 

 

 

Related posts

Faced with shortage: तमिलनाडु में ब्राह्मण दुल्हनों की हुई कमी, UP और Bihar में लगा रहे हैं चक्कर

Manoj Singh

अगर FREE में IPL देखना है तो Airtel का ये प्लान है बेहद खास, जानें इस Plan की पूरी Detail

Rohit Kumar

अक्षय कुमार की मां अरुणा भाटिया का निधन, पिछले कई दिनों से चल रही थीं बीमार

Manoj Singh