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आज देश मना रहा परमवीर Albert Ekka की 50वीं पुण्यतिथि, जानिए उनके जीवन से जुड़ी रोचक बातें

Albert Ekka

Albert Ekka: दिन 3 दिसंबर, 1971, यह वो साल था जब भारत- पकिस्तान के बीच युद्ध चल रहा था और इसी युद्ध में लांस नायक परमवीर अल्बर्ट एक्का (Albert Ekka) वीर गति को प्राप्त हुए थे. आज पूरा देश परमवीर अल्बर्ट एक्का की पुण्यतिथि मना रहा है. साल 1971 की भारत-पाकिस्तान की लड़ाई को कोई शायद ही भूल सकता है, यह युद्ध भले ही भारत- पकिस्तान के बीच था, लेकिन अगर यह कहा जाये कि इस युद्ध ने बांग्लादेश को एक नई ज़िन्दगी दी तो यह गलत नहीं होगा. यह युद्ध अगरतला को भारत का हिस्सा बनने का श्रेय दिलाता है.

इस युद्ध में तमाम सैनिक थे. इन्हीं में से एक थे लांस नायक अल्बर्ट एक्का जिनके बलिदान ने बांग्लादेश को आज़ादी दिलवाई थी, साथ ही अगरतला को पाकिस्तान का हिस्सा बनने से बचाया था.

युद्ध के दौरान एक भी पाकिस्तानी सेना को अगरतला में कदम नहीं रखने दिया

1971 के भारत- पाक युद्ध के दौरान एक्का और उनके कुछ साथियों को यह आदेश मिला कि पाकिस्तान के गंगासागर में अपना कब्ज़ा जमाना है. गंगासागर से मात्र 6.5 किलोमीटर की दूरी पर बसे अगरतला आज त्रिपुरा की राजधानी है. बांग्लादेश की आज़ादी के लिए यह ज़रूरी था कि भारतीय सेना गंगासागर में पाकिस्तान पर अपनी पकड़ बना सके.

3 दिसंबर की सुबह गंगासागर रेलवे स्टेशन पर लड़ाई शुरू हुई. तय रणनीति के मुताबिक भारतीय सेना आगे बढ़ रही थी. रेलवे स्टेशन पर माइंस बिछी हुई थी और पाकिस्तानी फ़ौज ऑटोमैटिक मशीन गन का इस्तेमाल कर रही थी. भारतीय सेना आगे बढ़ी और पाकिस्तानी बनकर पर धावा बोल दिया। वहां पहुँचते ही पाकिस्तानी सेना की मशीन गनें बंद हो गई और 2 पाकिस्तानी सेना मौत की घाट उतर गए. हालांकि इसमें एक भारतीय जवान घायल भी हुआ था.

एक्का की बलिदान ने भारत को बना दिया था मजबूत

पाकिस्तान में सही रणनीति के साथ एक्का और उनके साथियों ने अदम्य साहस दिखाया। इस वजह से पाकिस्तान का एक भी सैनिक अगरतला नहीं पहुँच पाया. उनकी इसी बहादुरी और सही रणनीति के कारन भारत को युद्ध में बढ़त मिली और उन्होंने बांग्लादेश को आज़ादी दिलवाई. एक्का को भारतीय सेना के सर्वोच्च सम्मान ‘परमवीर चक्र’ से नवाज़ा गया. इसके साथ ही एक पोस्टल स्टैम्प भी उनके सम्मान में जारी की गयी.

इसे भी पढ़ें : जानिए 1971 के युद्ध में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ गंगासागर की लड़ाई जितवाने वाले Lance Naik Albert Ekka की पूरी कहानी

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