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विरोध का ‘अग्निपथ’: आग लगाकर समस्या का समाधान ढूंढते युवा, सरकारी नहीं फूंक रहे अपनी सम्पत्ति

The 'Agneepath' of protest: Youth looking for a solution to the problem by setting fire

न्यूज डेस्क/ समाचार प्लस – झारखंड-बिहार

केंद्र सरकार ने ‘अग्निपथ’ नाम से सेना में भर्ती की नयी स्कीम शुरू की। जो चार साल की छोटी अवधि के लिए है। इसके बाद 25 प्रतिशत के सेवा विस्तार की गुंजाइश और 75 प्रतिशत को एक विशेष पैकेज के साथ विदाई (Retirement) का प्रावधान किया गया है। वह बात ‘कुछ’ युवाओं को चुभ गयी और ‘अग्निपथ’ के विरोध में ‘अग्निपथ’ पर निकल पड़े। आज देश में कुछ भी हो उसके विरोध का सबसे सरल मार्ग है ‘आग लगा दो’। मानो, ये अपने देश की नहीं, किसी दूसरे देश की सम्पत्ति को फूंक रहे हों या फिर पाकिस्तानी हमारे देश में आकर हमारी सम्पत्ति फूंक रहे। योजनाओं को समझे नहीं, किसी ने बहका दिया, बस, निकल पड़े आग लगाने। आखिर इसका खमियाजा क्या अम्बानी और अडाणी भुगतेंगे या देश के छोटे-बड़े टैक्स पेयर? किसी न किसी रूप में घूमकर इसका बोझ हमारी-आपकी जेब पर पड़ने वाला है। फिर इसका भी विरोध और फिर एक और ‘अग्निपथ’।

सवाल यह है कि ‘अग्निपथ’ स्कीम का विरोध क्यों? केन्द्र सरकार ने जिस दिन ‘अग्निपथ’ स्कीम पेश की उसी दिन प्रधानमंत्री मोदी ने देश के युवाओं को 10 लाख नौकरियों की सौगात दी थी। तब ये युवा तो मोदी के लिए फूलों का हार लेकर नहीं दौड़े थे! 10 लाख की घोषित इन नौकरियों में सेना में भी ढेरों अवसर थे, उनमें भी तो अपने लिए अवसर तलाश कर सकते हैं युवा। विरोध ‘अग्निपथ’ का ही क्यों? सिर्फ इसलिए कि यह एक शार्ट टर्म वैकेंसी है? आज की तारीख में देश में शॉर्ट टर्म नौकरियों की भरमार है। उन शॉर्ट टर्म नौकरियों के लिए भी मारामारी मची हुई है। देश के ढेरों सरकारी विभागों में संविदा पर अनगिनत युवा काम कर रहे हैं। संविदा की ये नौकरियां भी स्थायी नहीं होती हैं। बाद में ये स्थायी हो जायें, यह अलग बात है। इन संविदा और शॉर्ट टर्म नौकरियों के लिए आग लगते तो नहीं देखा! आज जहां रोजगार के अवसर काफी सीमित हैं, अगर सरकार 75 प्रतिशत को चार वर्षों की नौकरी दे रही है तो यह बड़ा सौभाग्य है। और ऐसी भी नहीं कि इसके बाद उनके अवसर पूरी तरह से समाप्त हो जायेंगे। गुरुवार को ही गृह मंत्रालय ने घोषणा की है कि चार साल बाद रिटायर होने वाले अग्निवीरों को सेन्ट्रल सर्विसेज और असम राइफल्स में वरीयता मिलेगी। जो शायद 25 प्रतिशत के उनके साथी भाग्यशाली अग्निवीरों की तुलना में उन्हें और भी बेहतर अवसर प्रदान कर दे। आज ही उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने घोषणा की है कि रिटायरमेंट के बाद वह अग्निवीरों को पुलिस फोर्स में अवसर देगी। सम्भव है, ऐसा दूसरे राज्य भी आने वाले दिनों में करें।

‘समाचार प्लस’ बिहार-झारखंड का अनुरोध

‘समाचार प्लस’ बिहार झारखंड देश के तमाम युवाओं से अनुरोध करता है कि हताशा में उद्वेग का मार्ग न अपनायें। केन्द्र सरकार, राज्य सरकार या अन्य मार्गों से जो भी अवसर आपके सामने हो उसे पहचानें। आप से ही देश का भविष्य है। अपने हाथों देश को संवारने में अपना योगदान दें। यह देश आपका ही है।

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