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Order to remove Deoghar DC from the post:आखिर क्यों सरकार के प्रियपात्र माने जाते हैं Deoghar DC?

Deoghar DC

न्यूज़ डेस्क/ समाचार प्लस झारखंड- बिहार  

Order to remove Deoghar DC from the post:देवघर। भारत निर्वाचन आयोग ने झारखंड के देवघर जिले के उपायुक्त (Deoghar DC) मंजूनाथ भजंत्री के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। भजंत्री को देवघर डीसी के पद से हटाने के लिए झारखंड सरकार को निर्देश दिया है। साथ ही यह भी कहा है कि अब बगैर चुनाव आयोग की अनुमति के भजंत्री को भविष्य में कभी भी चुनाव ड्यूटी नहीं दी जाएगी। आयोग ने यह कार्रवाई गोड्डा के सांसद निशिकांत दुबे की शिकायत के आधार पर हुई है। हालांकि शिकायत के बाद देवघर डीसी ने चुनाव आयोग से अपने कृत्यों के लिए माफी मांग ली थी। इसके बावजूद चुनाव आयोग ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।

क्या है पूरा मामला

17 अप्रैल, 2021 को देवघर जिले के मधुपुर विधानसभा का उपचुनाव हुआ था। इस दाैरान भाजपा ने देवघर डीसी पर सत्ताधारी झामुमो के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया था। इसी मामले में उपचुनाव के बाद गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ देवघर जिले के विभिन्न थानों में चुनाव आचार संहिता उल्लंघन को लेकर पांच अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज हुई। इसके खिलाफ भाजपा चुनाव आयोग में पहुंच गई। चुनाव आयोग द्वारा देवघर उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। चुनाव आयोग के प्रधान सचिव अरविंद आनंद द्वारा जारी पत्र के तहत उपायुक्त से दस दिन के अंदर अपना जवाब समर्पित करने को कहा गया था। यह मामला काफी गंभीर बनता जा रहा था। 11 नवंबर को उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने आयोग को पत्र भेजकर बिना शर्त माफी मांगी।

उपचुनाव के समय चुनाव आयोग ने डीसी पर की थी कार्रवाई

मधुपुर उपचुनाव के समय देवघर डीसी मंजूनाथ भजंत्री पर सत्ताधारी झामुमो के पक्ष में काम करने के आरोप लगे थे। इसके बाद चुनाव आयोग ने भजंत्री को डीसी पद से हटा दिया था।उनकी जगह पर नैंसी सहाय को DC बनाया गया था। चुनाव बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने फिर से भजंत्री को डीसी बना दिया। दोबारा डीसी की कुर्सी मिलने के बाद भजंत्री के तेवर भाजपा के खिलाफ तल्ख हो गए। उनके निर्देश पर गोड्डा सांसद के खिलाफ पांच प्राथमिकी दर्ज की गई। इसी मामले को लेकर दुबे ने भारत निर्वाचन आयोग से शिकायत की थी। अब कार्रवाई हुई है।

उपचुनाव संपन्न होते ही आखिर क्यों पुनः डीसी बना दिया गया?

केंद्रीय चुनाव आयोग ने मधुपुर उपचुनाव के समय देवघर डीसी मंजूनाथ भजंत्री पर सत्ताधारी झामुमो के पक्ष में काम करने के आरोप में डीसी पद से हटा दिया था।उनकी जगह पर नैंसी सहाय को DC बनाया गया, जैसे ही उपचुनाव संपन्न हुआ, फिर से उन्हें देवघर उपायुक्त बना दिया गया। एक बार फिर सांसद निशिकांत दुबे पर एफआईआर मामले में चुनाव आयोग ने कार्रवाई करते हुए झारखंड सरकार को तुरंत डीसी मंजूनाथ भजंत्री को हटाने का आदेश दिया  है। हालांकि इस बार आयोग ने मुख्य सचिव को भेजे पत्र में कहा है कि आयोग की बिना सहमति के इन्हें डीसी या जिलाधिकारी न बनाएं। ऐसे में फिलवक्त उनके पुनः डीसी बनाए जाने की संभावना कम ही है। लेकिन उन्हें उपचुनाव के बाद फिर से उपायुक्त बना देने से कई सवाल खड़े होते हैं।

कार्यशैली पर भी सवाल 

सूत्रों की मानें तो सरकार के हित में देवघर डीसी काम करते हैं, जिससे राजनीतिक और आर्थिक हित साधे जाते रहे हैं। विपक्षी दल ने कई बार उन पर देवघर में जमीन से जुड़े बड़े मामलों में संलिप्तता के आरोप लगाए हैं। कई बार उनकी कार्यशैली पर भी सवाल उठे हैं, उन्हें सरकार की चापलूसी करने वाले अधिकारी के रूप में विपक्ष उनकी छवि को पेश करता रहा है। ऐसे में उन्हें राज्य सरकार का विशेष कृपापात्र भी बताया जाने लगा है।

सरकार की चापलूसी करने वाले अफसरों के लिए सीख- बाबूलाल 

बाबूलाल मरांडी देवघर डीसी पर सरकार की तरफदारी करने और पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया है , उन्होंने कहा है कि सरकार की चापलूसी करने वाले अफसरों के लिए यह कार्रवाई एक सीख है।
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